बंगाल पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण, रिकॉर्ड पर्चे दाखिल हुए : ममता बनर्जी

नामखाना. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के शांतिपूर्ण होने का जिक्र करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि विपक्षी दल नामांकन के दौरान हुईं ”इक्का-दुक्का” घटनाओं को आधार बनाकर इसे मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने शुक्रवार को दक्षिण 24 परगना जिले में भंगोर का दौरा करने के बाद कहा कि राज्य में राजनीतिक हिंसा हर हाल में खत्म होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वह पहले ही मौजूदा स्थिति पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ चर्चा कर चुके हैं. राज्यपाल की टिप्पणी के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की यह प्रतिक्रिया आई है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ”बंगाल के अलावा कोई दूसरा ऐसा राज्य नहीं है, जहां पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया इतनी शांतिपूर्ण रहती है. नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुईं एक-दो घटनाओं को लेकर विपक्षी दल – माकपा, कांग्रेस, भाजपा और आईएसएफ हम पर आरोप मढ़ने का प्रयास कर रहे हैं.” वह पार्टी के दो महीने लंबे अभियान ‘तृणमूल एह नबोजोवार’ (तृणमूल में नयी लहर) के समापन सत्र को संबोधित कर रही थीं.

बनर्जी ने उन दावों को खारिज कर दिया कि विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया. उन्होंने कहा कि विपक्षी उम्मीदवारों द्वारा आठ जुलाई के चुनावों के लिए डेढ़ लाख से अधिक नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, ”क्या आपने कभी सुना है कि किसी अन्य राज्य में पंचायत चुनावों के लिए 2.31 लाख नामांकन दाखिल किए गए हों? अकेले विपक्षी दलों ने डेढ़ लाख से ज्यादा पर्चे दाखिल किए हैं, फिर भी आप दावा कर रहे हैं कि वे नामांकन दाखिल नहीं कर पाए. क्या यह विरोधाभासी नहीं है?”

उन्होंने कहा, ”पिछले कुछ दिनों में, मैंने देखा है कि कैसे मेरे और मेरे तृणमूल परिवार के खिलाफ राजनीति की जा रही है. यह बाम (वाम) – राम (भाजपा)- श्याम (कांग्रेस) हाथ मिला चुके हैं और हमें हराने पर तुले हुए हैं.” ममता बनर्जी ने माकपा शासनकाल में ग्राम सभा चुनावों के दौरान हुई कथित हिंसा और रक्तपात का जिक्र करते हुए पंचायत चुनावों के संचालन के लिए केंद्रीय बलों की मांग करने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना की.

उन्होंने आरोप लगाया, ”वर्ष 2021 के बंगाल (विधानसभा) चुनावों के दौरान, इन केंद्रीय बलों ने सीतलकुची में निर्दोष लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.” तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ”केंद्रीय बलों को मणिपुर क्यों नहीं भेजा जा रहा है, जहां इतने लोग मारे गए हैं?” बनर्जी ने बंगाल में ”भाजपा और माकपा के साथ गठबंधन” करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि पार्टी को भाजपा के खिलाफ लड़ाई में राज्य स्तर पर तृणमूल कांग्रेस से समर्थन की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ”कांग्रेस चाहती है कि हम भाजपा के खिलाफ लड़ाई में संसद में उनका समर्थन करें. हम उनका समर्थन करेंगे क्योंकि हम भी भाजपा से लड़ना चाहते हैं. लेकिन, अगर उनका यहां (बंगाल) हमारे खिलाफ लड़ने के लिए माकपा और भाजपा के साथ तालमेल बना रहता है तो उन्हें हमसे बंगाल में समर्थन की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.”

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