प. बंगाल से बांग्लादेशी घुसपैठियों के संभावित प्रवेश को लेकर ओडिशा के सीमावर्ती जिले सतर्क

भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने पश्चिम बंगाल के साथ सीमा साझा करने वाले अपने जिलों को बांग्लादेशी घुसपैठियों के संभावित प्रवेश को लेकर सतर्क किया है। ओडिशा सरकार ने यह कदम पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी प्रशासन द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ “पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो” की नीति अपनाए जाने के बाद उठाया है।

पश्चिम बंगाल से सटे बालासोर और मयूरभंज जिलों के अधिकारियों को ओडिशा सरकार ने यह निर्देश तब जारी किए गए, जब उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट उप-मंडल स्थित हाकिमपुर जांच चौकी पर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिकों के एकत्र होने की खबर सामने आई।

पुलिस उपमहानिरीक्षक (पूर्वी परिक्षेत्र) पिनाक मिश्रा ने कहा, ”चूंकि संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठियों ने पश्चिम बंगाल के भीतर आवाजाही शुरू कर दी है, इसलिए उनके ओडिशा में प्रवेश की आशंका है। इसी कारण हम सतर्क हैं और ऐसी किसी भी गतिविधि को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं।” ओडिशा-पश्चिम बंगाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि राज्य में किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही को रोका जा सके।

मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से घुसपैठियों का पता लगाकर उन्हें कानून के तहत भारत से निर्वासित करने का स्थायी निर्देश है और हम उसी के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार ने सभी जिलों विशेषकर सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाया है।

घुसपैठियों के जलमार्गों से प्रवेश की संभावना को लेकर मिश्रा ने बताया कि इसके लिए संबंधित पुलिस थानों को सतर्क कर दिया गया हैं।
बालासोर और मयूरभंज ओडिशा के दो ऐसे जिले हैं, जिनकी सीमा पश्चिम बंगाल से लगती है। बालासोर जिले के भोगराई और जलेश्वर ब्लॉक पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों से सटे हुए हैं, जबकि मयूरभंज जिले की पूर्वी सीमा का एक हिस्सा पश्चिम मेदिनीपुर जिले से लगता है।

इस बीच, ओडिशा में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि घुसपैठिये राज्य के लिए एक बड़ी समस्या हैं और राज्य सरकार उनकी पहचान तथा निर्वासन के लिए अभियान पहले ही शुरू कर चुकी है, जबकि बीजद नेता गणेश्वर बेहरा ने इस दावे को खारिज कर दिया।

बेहरा ने कहा, ”ओडिशा में घुसपैठिये ही केवल बड़ी समस्या नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में स्थिति अलग है, वहां उनकी संख्या लाखों में है। ओडिशा में उनकी संख्या 150 से भी कम है। साढ़े चार करोड़ की आबादी वाले राज्य में घुसपैठियों की संख्या करीब 150 हो सकती है। यह बहुत छोटा मुद्दा है, लेकिन राज्य सरकार प्रचार पाने के लिए राई का पहाड़ बना रही है।” हालांकि, हरिचंदन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ओडिशा में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों ‘बच नहीं सकते’। उन्होंने कहा कि हम राज्य में रह रहे अवैध विदेशी नागरिकों को निर्वासित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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