
जम्मू. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को सवाल किया कि जब खराब मौसम की चेतावनी दी गई थी, तो अधिकारियों ने वैष्णो देवी तीर्थयात्रियों को मार्ग पर जाने से क्यों नहीं रोका. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है, क्योंकि बचाव दल ने मलबे के नीचे से और शव निकाले हैं. उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में पर्वतीय क्षेत्र में स्थित वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर एक दिन पहले भूस्खलन हुआ था.
अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा, ”हमें इसके बारे में बाद में बात करनी होगी. जब हमें मौसम के बारे में पता था, तो क्या हमें उन लोगों की जान बचाने के लिए कुछ कदम नहीं उठाने चाहिए थे? मौसम की चेतावनी हमें कुछ दिन पहले ही मिल गई थी.” उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया, ”ये लोग यात्रा मार्ग पर क्यों थे? उन्हें क्यों नहीं रोका गया? उन्हें सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं ले जाया गया? इस पर बाद में चर्चा की जाएगी. हमें 29 से 30 लोगों की मौत होने का दुख है.” कटरा से मंदिर तक 12 किलोमीटर के घुमावदार रास्ते के बीच में एक स्थान पर भूस्खलन हुआ था. मंदिर तक जाने के दो रास्ते हैं. मंगलवार सुबह से ही हिमकोटी मार्ग पर यात्रा स्थगित कर दी गई थी, लेकिन अपराह्न 1.30 बजे तक यह पुराने मार्ग से जारी थी, जब अधिकारियों ने मूसलाधार बारिश को देखते हुए इसे अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला किया था.
जम्मू में उफनती नदियों का जलस्तर घटने के संकेत दिखे, लेकिन अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी बाढ़ की चेतावनी के निशान को पार कर गई और पानी कई आवासीय क्षेत्रों में घुस गया, जिसके बाद अधिकारियों ने निवासियों को आश्वस्त किया कि वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में जलाशयों के उफान पर आने और अचानक आई बाढ़ के कारण कई प्रमुख पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों समेत सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. दूरसंचार सेवाएं भी 22 घंटे से अधिक समय तक स्थगित रहने के बाद आंशिक रूप से बहाल हो गईं, जबकि मुख्यमंत्री अब्दुल्ला क्षेत्र की स्थिति की व्यक्तिगत समीक्षा करने के लिए श्रीनगर से जम्मू पहुंचे.
वैष्णो देवी में भूस्खलन की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हुई
वैष्णो देवी में भूस्खलन की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में पर्वतीय क्षेत्र में स्थित वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर एक दिन पहले भूस्खलन हुआ था. अधिकारियों ने कहा कि लगातार और भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम 20 लोग घायल हो गए.
मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे भूस्खलन हुआ और पहाड़ की ढलान से पत्थर, शिलाखंड और चट्टानें नीचे गिरने लगीं. इससे बेखबर लोग इसकी चपेट में आ गए. घटना के बाद वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई. कटरा से मंदिर तक की 12 किलोमीटर की यात्रा के लगभग आधे रास्ते में एक स्थान पर भूस्खलन हुआ. मंदिर तक जाने के दो मार्ग हैं, जिसमें हिमकोटि पैदल मार्ग पर सुबह से यात्रा स्थगित कर दी गई थी, जबकि पुराने मार्ग पर अपराह्न डेढ़ बजे तक यात्रा जारी थी. हालांकि, अधिकारियों ने मूसलाधार बारिश को देखते हुए यात्रा अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला किया.



