नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली सेवा विधेयक को संसद की मंजूरी मिलने पर मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की जनता अगले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को “मुंहतोड़ जवाब” देगी. ‘आप’ की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि पूरे विपक्ष ने विधेयक का “एकजुट विरोध” किया. पार्टी के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने कहा कि यह विधेयक दिल्ली की जनता का “अपमान” है.
कक्कड़ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “पूरे विपक्ष ने कल एकजुट होकर असंवैधानिक विधेयक का विरोध किया. हम संसद और अदालत में लड़ाई लड़ रहे हैं. दिल्ली की जनता अगले चुनावों में उन्हें (भाजपा को) मुंहतोड़ जवाब देगी.” संसद ने सोमवार को दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2023 को मंजूरी दे दी. इस विधेयक के कानून बनने के बाद दिल्ली सरकार के नौकरशाहों पर केंद्र सरकार का नियंत्रण होगा.
राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ संसद में यह विधेयक पेश किया. उन्होंने इसे ”लोकतंत्र की हत्या” करार दिया. राय ने ट्वीट किया, “उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा संसद में लाया गया विधेयक लोकतंत्र की हत्या है. यह दिल्ली के लोगों का अपमान है. इसके माध्यम से भाजपा ने दिल्ली के मतदाताओं को दोयम दर्जे का नागरिक घोषित कर दिया है, जिसके लिए दिल्ली के लोग और इतिहास भाजपा को माफ नहीं करेगा. 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी.” ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार गुप्ता ने संसद में विधेयक के पारित होने को “लोकतंत्र में काला दिन” करार दिया और कहा कि दिल्ली के लोग आगामी लोकसभा चुनाव में “भाजपा को खारिज कर देंगे”.
गुप्ता ने कहा, “सात अगस्त को दिल्ली के इतिहास में ‘काले दिन’ के रूप में जाना जाएगा. दिल्ली के लोगों ने पहले भी भाजपा को खारिज कर दिया था और वे आगामी चुनावों में फिर से इसका करारा जवाब देंगे.” ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि संसद के अंदर डिजिटल वोटिंग प्रणाली में गड़बड़ी हुई और विधेयक पारित होने के दौरान “कोई गणना एजेंट” नहीं था.
उन्होंने कहा, “पहली बार देख रहा हूं की मोदी जी के डिजिटल इंडिया में संसद के अंदर ही डिजिटल वोटिंग सिस्टम खराब हो गया. पर्ची से वोटिंग की गई. कोई काउंटिंग एजेंट नहीं था. किसने किसको वोट दिया, नही मालूम. अमित शाह (गृह मंत्री) की अगुवाई में संसद के अंदर घपलेबाजी हुई.” इस बीच, भाजपा द्वारा दिल्ली सेवा विधेयक से संबंधित एक प्रस्ताव में पांच सांसदों के जाली हस्ताक्षर करने का आरोप लगने के बाद ‘आप’ ने अपने सांसद राघव चड्ढा का बचाव किया है.
सिंह ने दावा किया कि कोई भी सांसद प्रवर समिति के लिए नाम पेश सकता है और इसके लिए “हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होती.” उन्होंने कहा, “कोई भी सांसद अपने हस्ताक्षर के बिना प्रवर समिति के लिए नाम प्रस्तावित कर सकता है. भाजपा झूठ और अफवाह फैला रही है.” ‘आप’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा चड्ढा के खिलाफ ”झूठा मामला बना रही है.”
भारद्वाज ने दावा किया, “जिन्होंने (सांसदों ने) कहा कि राघव चड्ढा ने उनके जाली हस्ताक्षर किए, उन्होंने झूठ बोला क्योंकि हस्ताक्षर नहीं हुए. उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश कर कार्रवाई की जा सकती है. जैसे उन्होंने (केंद्र सरकार) झूठा मामला बनाकर राहुल गांधी को अयोग्य ठहराया, भाजपा चाहती है राघव के साथ भी ऐसा ही किया जाए. ये लोग बहुत शक्तिशाली हैं और कुछ भी कर सकते हैं. लेकिन हम इनसे डरते नहीं हैं.”