
तिरुवनंतपुरम: फेसबुक पर सत्तारूढ़ वामपंथियों की लोकसभा चुनावों में हार की आलोचना करने वाले पादरी को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन द्वारा ‘अज्ञानी’ करार दिए जाने के एक दिन बाद शनिवार को पादरी ने कहा कि वह कभी भी निजी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते।
‘मलानकारा जैकोबाइट सीरियाक ओर्थोडॉक्स चर्च’ के पूर्व ‘मेट्रोपोलटिन आॅफ निरानाम डाइसीज’ जीवर्गीज कूरिलोस ने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में कहा था, ‘‘बाढ़ और महामारी हमेशा बचाने के लिए नहीं आती हैं तथा केरल में लोग ‘किट राजनीति’ में एक बार से अधिक नहीं फंसेंगे।’’ अपने वामपंथी विचारों के लिए जाने जाने वाले पादरी ने लोकसभा चुनावों में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की हार के संबंध में फेसबुक पर यह टिप्पणी की थी।
पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने शुक्रवार को कहा था कि पादरी की पोस्ट से पता चलता है कि पादरी के बीच भी कभी-कभी कुछ अज्ञानी लोग होते हैं। शनिवार को जब पत्रकारों ने पादरी से पूछा कि उन्होंने यह पोस्ट क्यों डाली, तो कूरिलोस ने कहा कि उन्हें इस मामले पर कुछ नहीं कहना है क्योंकि उन्हें जो कुछ कहना था, वह उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिख दिया है और वह अभी भी वहां मौजूद है।
उन्होंने कहा, “वह विषय बंद हो चुका है। इस मुद्दे पर मुझे जो कहना था, वह कह चुका हूं। अब मैं और कुछ नहीं कहूंगा।” जब उनसे मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें ‘अज्ञानी’ कहे जाने पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो पादरी ने कहा, “मैंने कभी निजी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका दिल हमेशा वाम मोर्चे के साथ था और आगे भी ऐसा ही रहेगा। कोरिलोस ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा था कि लोकसभा चुनावों में एलडीएफ की हार का एक मुख्य कारण लोगों में सत्ता विरोधी भावना थी।



