इजराइल के जमीनी आक्रमण की आशंका के बीच गाजा पट्टी में 10 लाख लोग घर छोड़कर भागे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 16 Oct 2023 08:51 PM
इजराइल के जमीनी आक्रमण की आशंका के बीच गाजा पट्टी में 10 लाख लोग घर छोड़कर भागे
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यरुशलम/लंदन. हमास के घातक हमले के बाद इस आतंकवादी संगठन के सरगना के खात्मे के लिए इजराइल द्वारा जमीनी आक्रमण किए जाने की आशंका के मद्देनजर गाजा पट्टी में 10 लाख से अधिक लोग अपने घरों को छोड़कर चले गए हैं. सहायता समूहों ने चेतावनी दी है कि इजराइल के जमीनी हमले से मानवीय संकट बढ़ सकता है.

अमेरिकी युद्धपोतों की मदद से इजराइली बल गाजा सीमा पर तैनात हो गए हैं और उन्होंने युद्धाभ्यास किया जिसे इजराइल ने बताया कि यह आतंकवादी समूह को मटियामेट करने के लिए एक बड़ा अभियान होगा. एक सप्ताह से लगातार किए जा रहे हवाई हमलों से गाजा पट्टी में कई इमारतें जमींदोज हो गयी हैं लेकिन इससे इजराइल पर आतंकवादियों के रॉकेट हमले नहीं रुके हैं.

सात अक्टूबर को शुरू हुआ यह युद्ध दोनों पक्षों के लिए गाजा के पांच युद्धों में से सबसे भीषण है जिसमें दोनों ओर के 4,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 2,750 फलस्तीनियों की मौत हो गयी है तथा 9,700 घायल हैं. इजराइल के अनुसार, उसके 1,400 से अधिक नागरिकों की मौत हो गयी है तथा बच्चों समेत कम से कम 199 अन्य नागरिकों को हमास ने बंधक बनाया है तथा उन्हें गाजा ले गया है.

अभी गाजा में संयुक्त राष्ट्र के शिविरों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गयी है और क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल में काम कर रहे चिकित्सकों को मरीजों का इलाज करने में भारी समस्याएं आ रही हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि जेनरेटरों में ईंधन खत्म होने के बाद इन मरीजों की मौत हो जाएगी. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन आने वाले दिनों में इजराइल यात्रा पर विचार कर रहे हैं लेकिन अभी यात्रा की कोई पुष्टि नहीं की गयी है.

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इजराइल के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के लिए एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार इजराइल पहुंचे हैं. वहीं, रोमन कैथोलिक चर्च के यरुशलम में शीर्ष प्रतिनिधि कार्डिनल पिएरबटिस्टा पिज्जाबाला ने कहा कि वह हमास द्वारा बंधक बनाए गए बच्चों की रिहाई के बदले में उन्हें बंधक बनाने की पेशकश करते हैं. उन्होंने कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया बल्कि एक पत्रकार के काल्पनिक सवाल पर यह प्रतिक्रिया दी.

फ्रांस ने कहा है कि गाजा निवासियों को वहां से जाने की अनुमति दी जानी चाहिए और उन्होंने हमास पर उन्हें ऐसा करने से रोकने का आरोप लगाया. फ्रांस ने साथ ही कहा कि वह चाहता है कि मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए गाजा की नाकेबंदी में ढील दी जाए.
इस बीच, लेबनान में हमास के प्रतिनिधि अहमद अब्दुल-हादी ने सोमवार को कहा कि दक्षिण इजराइल में सात अक्टूबर को किए गए हमले का फैसला हमास नेतृत्व का था तथा ईरान या किसी अन्य बाहरी पक्ष ने इसका निर्देश नहीं दिया था लेकिन उसने कहा कि गाजा पर जमीनी आक्रमण की स्थिति में सहयोगी समूह हस्तक्षेप करेंगे.

हमास नेतृत्व ने इस बात से इनकार किया है कि ईरान घातक हमले की योजना या इसे हरी झंडी दिखाने में प्रत्यक्ष रूप से शामिल था.
अब्दुल हादी ने कहा कि हमास समर्थक ईरान और हिजबुल्ला इजराइल को ”गाजा को कुचलने” या ”व्यापक जमीनी हमला” नहीं करने देंगे. सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद ने रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ गाजा में संवेदनशील स्थिति और इजराइल के हमलों को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की.

असद के कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि असद और पुतिन ने गाजा में मदद पहुंचाने की अनुमति देने और फलस्तीनियों पर इजराइल की बमबारी तथा उनके विस्थापन को रोकने का आह्वान किया. लेबनानी सेना ने कहा कि तलाश अभियान में लेबनान-इजराइल सीमा के समीप 20 रॉकेट लॉन्चर मिले हैं. उसने एक बयान में कहा कि चार लॉन्चर में रॉकेट थे और वे दागे जाने के लिए तैयार थे. उसने बताया कि सैन्य विशेषज्ञ इन लॉन्चर को नि्क्रिरय करने पर काम कर रहे हैं.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि अगर इजराइल गाजा पट्टी पर हवाई हमले रोक देता है तो हमास करीब 200 बंधकों को रिहा करने के लिए संभवत: तैयार है. ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इजराइल आने वाले दिनों में गाजा पट्टी में व्यापक जमीनी अभियान चलाता है तो वह युद्ध में प्रवेश कर सकता है. ईरान द्वारा सर्मिथत लेबनानी शिया मिलिशिया समूह हिजबुल्ला ने इजराइल में मिसाइल हमले किए है. हालांकि, उसने कहा कि यह इजराइल के लिए एक ”चेतावनी” है.

ऋषि सुनक ने लंदन में यहूदी स्कूल का दौरा किया, समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन दिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इजराइल-गाजा संघर्ष के बीच सोमवार को यहां एक यहूदी स्कूल का दौरा किया और देश के यहूदियों को उनके खिलाफ हमलों से बचाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी. ब्रिटिश-भारतीय नेता ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में संघर्ष बढ़ाने से बचने के लिए इजराइल का अभियान आतंकवादी समूह हमास तक केंद्रित होना चाहिए. उन्होंने बताया कि ब्रिटेन ने संघर्ष पर निगरानी रखने और आतंकवादियों के हाथों में हथियारों की खेप जाने से रोकने के लिए भूमध्यसागर क्षेत्र में जासूसी विमान तैनात किए हैं.

सुनक ने उत्तरी लंदन में यहूदी स्कूल के दौरे पर कहा, ”मैं यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं कि हमारा यहूदी समुदाय हमारी सड़कों पर सुरक्षित महसूस कर सके, हमारे समाज में यहूदी विरोध की कोई जगह नहीं है और हम यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे.” वह स्कूल में मौजूद लोगों के कुछ सवालों का जवाब देने से पहले माध्यमिक स्कूल की एक सभा में शामिल हुए.
उन्होंने कहा, ”मैं आप सभी, यहूदी समुदाय के साथ हूं, न केवल आज बल्कि कल और हमेशा तथा मैं इसके लिए प्रतिबद्ध हूं. आपमें से कई लोगों की तरह, मैं अलग हूं: मैं एक अलग पृष्ठभूमि से आया हूं और जब विविधता का सम्मान किया जाता है, तो हमारा समाज मजबूत होता है . कुछ लोग हैं जो नफरत और विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और मैं उस विविधता की रक्षा करने के लिए हमेशा कड़ा प्रयास करूंगा.”

सुनक ने कहा, ”हमने पिछले सप्ताह पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में निगरानी विमान भेज दिए हैं. वे यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि हथियारों की कोई खेप क्षेत्र में अन्य आतंकवादी संगठनों के हाथों में न पड़े.” ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”आज मैंने यहूदी समुदाय के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए लंदन में एक यहूदी स्कूल के छात्रों तथा कर्मचारियों से मुलाकात की. मैं यहूदी लोगों को ब्रिटेन में सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा हूं. यहूदी विरोधी भावना बर्दाश्त नहीं की जाएगी.” उन्होंने आश्वसन दिया कि सरकार ने पुलिस को फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए आवश्यक ”सभी हथियार, शक्तियां और निर्देश” दिए हैं. सप्ताहांत में ऐसे प्रदर्शनों के दौरान 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया और तीन लोगों पर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं.

पुलिस बल का आभार जताते हुए सोशल मीडिया पर दिए एक संदेश में ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने हमास या यहूदी विरोधी भावनाओं का समर्थन करने वाले लोगों को फिर से कड़ी चेतावनी दी है. सुनक ने भी कहा कि ब्रिटेन सरकार द्वारा घोषित आतंकवादी संगठन हमास का समर्थन करना गैरकानूनी है तथा ऐसा करने पर 14 साल तक की जेल की सजा हो सकती है. सुनक द्वारा आने वाले दिनों में पश्चिम एशियाई नेताओं सहित अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बातचीत किए जाने की संभावना है.

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