युद्ध का एक माह: नेतन्याहू ने कहा, इजराइल अनिश्चित काल तक गाजा की ‘समग्र सुरक्षा’ करेगा

इजराइली बलों ने हमास को अलग-थलग करने के लिए उत्तरी गाजा को शेष हिस्से से अलग किया

खान यूनिस/गाजा पट्टी. हमास के साथ युद्ध के एक महीना पूरा होने पर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस युद्ध के बाद इजराइल गाजा में अनिश्चित काल तक के लिए ”समग्र सुरक्षा जिम्मेदारी” लेगा. यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इजराइल की तटीय पट्टी पर कब्जा करने की योजना है.

नेतन्याहू ने ‘एबीसी न्यूज’ से साक्षात्कार में कहा कि वह हमलों को ”थोड़ी-थोड़ी देर के लिए रोकने” को तैयार हैं, ताकि हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइल पर किए गए हमले के दौरान बंधक बनाए गए 240 से अधिक लोगों की रिहाई सुनिश्चित की जा सके. हमास के इसी हमले के बाद से यह ताजा संघर्ष शुरू हुआ था.

नेतन्याहू ने सोमवार को प्रसारित साक्षात्कार में सभी बंधकों की रिहाई के बिना संघर्ष विराम की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया.
अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और नेतन्याहू के बीच सोमवार को फोन पर बातचीत में व्यापक ”मानवीय अल्प विराम” के अमेरिकी आह्वान को लेकर कोई सहमति नहीं बनी.
इजराइली बल गाजा के भीतर फलस्तीनी उग्रवादियों से एक सप्ताह से अधिक समय से लड़ रहे हैं और उन्होंने उसे दो भागों में विभाजित कर गाजा सिटी को घेर लिया है.

गाजा में हवाई हमले लगातार जारी हैं और यहां की करीब 23 लाख आबादी में से करीब 70 प्रतिशत लोग इजराइली आदेश के अनुसार अपने घर छोड़कर दक्षिणी भाग की ओर चले गये हैं, लेकिन वहां भी बमबारी जारी है. खाद्य पदार्थों, दवाइयों, ईंधन और पानी की कमी है और विद्यालयों में संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित आश्रय स्थलों में जरूरत से अधिक लोग हैं.

हमास शासित गाजा पट्टी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि गाजा में मृतकों की संख्या बढ़कर करीब 10,000 हो गई है, जिनमें 4,100 से अधिक बच्चे हैं. उसने बताया कि 2,300 से अधिक लोग लापता है और उनके मलबे में दबे होने की आशंका है.
इजराइल में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से अधिकतर लोगों की मौत सात अक्टूबर को हमास द्वारा शुरूआत में किए हमले में गई थी.

यह युद्ध, इजराइल की स्थापना के बाद से पिछले 75 वर्ष का सबसे विनाशकारी इजराइल-फलस्तीन संघर्ष माना जा रहा है, जिसमें संघर्ष विराम की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है. दरअसल इजराइल ने हमास को सत्ता से बेदखल करने और उसकी सैन्य क्षमता को नष्ट करने का संकल्प लिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन ने नेतन्याहू से बातचीत के दौरान अपील की थी कि मानवीय मदद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गाजा में जारी इजराइली हमलों को कुछ देर के लिए रोका जाए.

बाइडन ने पिछले आठ दिन में नेतन्याहू के साथ अपनी पहली बातचीत में युद्ध में ”मानवीय विराम” की अपनी अपील दोहराई, ताकि आम नागरिकों को हमास को कुचलने के मकसद से जारी इजराइली हमलों से बचकर सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका मिल सके और जरूरतमंद हजारों आमजन को मानवीय मदद की आपूर्ति की जा सके. बाइडन से बातचीत के बाद नेतन्याहू ने ‘एबीसी न्यूज’ से साक्षात्कार के दौरान व्यापक संघर्ष विराम की संभावना को खारिज कर दिया, लेकिन कहा कि वह ”थोड़ी-थोड़ी देर के लिए हमले रोकने” का विकल्प अपना सकते हैं.

नेतन्याहू ने कहा कि गाजा पर ‘उन लोगों द्वारा शासन किया जाना चाहिए जो हमास के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ना चाहते’ हैं. नेतन्याहू ने कहा, ह्लमुझे लगता है कि अनिश्चित काल के लिए इजराइल के पास समग्र सुरक्षा की जिम्मेदारी होगी क्योंकि हमने देखा है कि जब हमारे पास यह नहीं होता तो क्या होता है. जब हमारे पास वह सुरक्षा ज.म्मिेदारी नहीं होगी तो इतने बड़े स्तर पर हमास का आतंकवाद व्याप्त होगा जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते थे.” वर्ष 1967 के पश्चिम एशिया के युद्ध में इजराइल ने गाजा, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम पर कब्जा कर लिया था. ये वही तीन क्षेत्र हैं जिसे फलस्तीनी अपने भविष्य के एक देश के रूप में चाहते थे.

इजराइल ने पूर्वी यरूशलम पर कब्जा कर लिया था, जिसे अधिकांश अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने मान्यता नहीं दी और वेस्ट बैंक पर उसका कब्जा जारी है. इजराइल ने वर्ष 2005 में गाजा से अपने सैनिकों और 8,000 से अधिक यहूदी निवासियों को वापस ले लिया, हालांकि इसने क्षेत्र की हवाई पट्टी, समुद्र तट, जनसंख्या रजिस्ट्री और एक सीमा क्रासिंग को छोड़कर बाकी सभी पर नियंत्रण बनाए रखा.
हमास ने इसके दो साल बाद राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रति वफादार बलों से सत्ता छीन ली और उनके फलस्तीनी प्राधिकरण को वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों तक सीमित रखा.

इसके बाद से ही इजराइल और मिस्र ने गाजा से जुड़ी सीमा पर अलग-अलग स्तर पर नाकाबंदी कर दी. इजराइल का कहना है कि हमास को फिर से संगठित होने से रोकने के लिए नाकाबंदी की आवश्यकता है, जबकि फलस्तीन के लोग और अधिकार समूह इसे सामूहिक दंड के रूप में देखते हैं.

फिलहाल इजराइल की सेना का ध्यान उत्तरी गाजा पर केंद्रित है, जिसमें गाजा शहर भी शामिल है, जहां युद्ध से पहले लगभग 6,50,000 लोगों के घर थे. इजराइल का कहना है कि हमास के पास शहर में व्यापक आतंकवादी बुनियादी ढांचा है, जिसमें एक विशाल सुरंग नेटवर्क भी शामिल है. इजराइल हमास पर नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाता रहा है.

उत्तरी गाजा के निवासियों ने गाजा शहर के बाहरी इलाके में रातभर से लेकर मंगलवार सुबह तक जारी रहने वाली लड़ाई की सूचना दी. निवासियों ने कहा कि शाति शरणार्थी शिविर – एक जिला जिसमें इज.राइल के निर्माण के आसपास 1948 के युद्ध के शरणार्थियों और उनके वंशजों को रखा गया है – पर पिछले दो दिनों में हवा और समुद्र से भारी बमबारी की गई है. सेना का कहना है कि जमीनी हमला शुरू होने के बाद से 30 इजराइली सैनिक मारे गए हैं. हमास और अन्य आतंकवादियों ने इजराइल में रॉकेट दागना जारी रखा है, जिससे दैनिक जीवन बाधित हो रहा है. गाजा और लेबनान से जुड़ी अस्थिर सीमा के पास से हजारों इजराइली लोगों को निकाला गया है.

मानवीय अल्प विराम की बाइडन की अपील के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने कहा, ”गाजा में बंधकों की रिहाई के बिना कोई संघर्ष विराम नहीं होगा. जहां तक कहीं-कहीं एक-एक घंटे के लिए रणनीतिक अल्प विराम की बात है, तो हमने पहले भी ऐसा किया है. मुझे लगता है कि हम मानवीय जरूरत की वस्तुओं की आपूर्ति या बंधकों को वहां से निकलने के लिए सक्षम बनाने संबंधी परिस्थितियों पर गौर कर रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि सामान्य संघर्ष विराम लागू होगा.” इससे पहले, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मानवीय पहलों संबंधी बाइडन प्रशासन के प्रस्ताव को लेकर समर्थन जुटाने के लिए इजराइल, जॉर्डन, साइप्रस, इराक और तुर्किये का दौरा किया. ब्लिंकन ने तुर्किये की राजधानी अंकारा में विदेश मंत्री हकान फिदान से मुलाकात के बाद अपना दौरा समाप्त किया.

इजराइली बलों ने हमास को अलग-थलग करने के लिए उत्तरी गाजा को शेष हिस्से से अलग किया

इजराइली सेना ने उत्तरी गाजा को क्षेत्र के बाकी हिस्से से अलग-थलग कर दिया और सोमवार को ताबड़तोड़ हवाई हमले किए. गाजा के सबसे बड़े शहर में हमास चरमपंथियों के साथ इजराइली सेना अपेक्षित जमीनी युद्ध की तैयारी में जुटी है, जो महीने भर से जारी युद्ध का सबसे भयावह चरण हो सकता है.

हमास संचालित गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि फलस्तीनियों की मौत का आंकड़ा पहले ही 10 हजार को पार कर चुका है. हालांकि मंत्रालय ने इसमें शामिल लड़ाकों और नागरिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया है. सात अक्टूबर को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमलों में करीब 1400 इजराइली मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर नागरिक ही थे. इन हमलों के बाद ही युद्ध की शुरुआत हुई थी.

यह युद्ध, इजराइल की स्थापना के बाद से पिछले 75 वर्षों में सबसे विनाशकारी इजराइल-फलस्तीन संघर्ष माना जा रहा है, जिसमें संघर्षविराम की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है. दरअसल इजराइल ने हमास को सत्ता से बेदखल करने और उसकी सैन्य क्षमता को नेस्तानाबूद करने का संकल्प लिया है.

इजराइली मीडिया की खबर के अनुसार, जैसे-जैसे युद्ध नजदीकी शहरी क्षेत्रों में फैलेगा, हताहतों की संख्या तेजी से बढ.ने की आशंका है.
खबर के मुताबिक, सैनिकों के जल्द ही गाजा शहर में प्रवेश करने की उम्मीद है और जो फलस्तीनी चरमपंथी वर्षों से जमीनी युद्ध की तैयारी कर रहे थे वे सुरंगों से घात लगाकर इजराइली सैनिकों पर हमला कर सकते हैं. इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेचट ने कहा, ”हम उन पर करीब से नजर रखे हुए हैं. हमने घेराबंदी पूरी कर ली है और उत्तर में हमास के गढ.ों को दक्षिण से अलग कर दिया है.”

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