
इस्लामाबाद/बीजिंग. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हुए आतंकवादी हमलों की मंगलवार को कड़ी निंदा की. उन्होंने दोहराया कि देश से आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए उनकी सरकार कटिबद्ध है. पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में रविवार- सोमवार की दरमियानी रात को दो अलग-अलग हमलों में हथियारबंद हमलावरों ने कम से कम 37 लोगों की हत्या कर दी.
सरकारी रेडियो पाकिस्तान की खबर के मुताबिक बलूचिस्तान में हुई हिंसा के एक दिन बाद मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शरीफ ने आतंकवादी घटनाओं की कड़ी निंदा की जिनमें सुरक्षार्किमयों सहित बेगुनाह पाकिस्तानियों की मौत हुई है. शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों और सशस्त्र बलों के र्किमयों द्वारा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दी गई कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी. उन्होंने कहा, ” पूरा राष्ट्र आतंकवाद के खात्मे के लिए कटिबद्ध है.” प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि सभी उपलब्ध संसाधन सशस्त्र बलों को आतंकवाद को खत्म करने के लिए दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को समाप्त करने का समय आ गया है.
शरीफ ने कहा कि उन लोगों से बातचीत के रास्ते खुले हैं जो पाकिस्तान और इसके संविधान में विश्वास करते हैं लेकिन दुश्मनों और आतंकवादियों से कोई बातचीत नहीं होगी. आतंकवादी घटनाओं का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि यह बात अब छिपी नहीं है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकवादी अफगानिस्तान से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं और आतंकवादी हमलों के पीछे उनका हाथ है.
प्रधानमंत्री शरीफ ने एकता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह की घृणित साजिशों का उद्देश्य केवल देश की प्रगति, बलूचिस्तान में चल रही चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के तहत चल रही परियोजनाओं में बाधा डालना तथा पाकिस्तान और चीन के बीच मजबूत दोस्ती को कमजोर करना है. इस बीच, पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने मंगलवार को बलूचिस्तान का दौरा किया. उन्होंने आतंकवाद से निपटने में सूबाई सरकार की कोशिशों के प्रति एकजुटता प्रकट की.
चीन ने पाकिस्तान में बलूच बंदूकधारियों के हमले की कड़ी निंदा की
चीन ने पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हुए आतंकवादी हमलों की मंगलवार को कड़ी निंदा की और कहा कि वह पाक के आतंकवाद रोधी अभियान का समर्थन करना जारी रखेगा. इन आतंकवादी हमलों में 37 लोग मारे गए थे. बलूच बंदूकधारियों द्वारा किए गए हमलों की निंदा करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने दैनिक प्रेस वार्ता में कहा कि चीन सख्ती के साथ आतंकवाद के सभी स्वरूप का विरोध करता है और आतंकवाद रोधी अभियान को तेज करने, सामाजिक एकता और स्थिरता को बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान का दृढ़ता से समर्थन करता है.
लिन ने कहा कि चीन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के साथ आतंकवाद रोधी एवं सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने का इच्छुक है. अशांत बलूचिस्तान में दो बड़े हमले ऐसे समय हुए हैं जब चीन के एक शीर्ष सैन्य अधिकारी सुरक्षा आकलन के लिए पाकिस्तान का दौरा कर रहे हैं, खास तौर पर 60 अमेरिकी अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए. बहु-परियोजना गलियारे का बलूच उग्रवादी विरोध कर रहे हैं और इस पर लगातार हमले हो रहे हैं. बलूच उग्रवादियों ने पाकिस्तान में विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी र्किमयों को भी निशाना बनाया है.
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सोमवार को दो अलग-अलग हमलों में हथियारबंद हमलावरों ने कम से कम 37 लोगों की हत्या कर दी. पहली घटना में बलूचिस्तान के मूसाखेल जिले में बंदूकधारियों ने बसों से यात्रियों को उतारकर और उनके पहचान पत्र देखने के बाद पंजाब प्रांत के कम से कम 23 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. प्राधिकारियों ने बताया कि दूसरा हमला बलूचिस्तान के कलात जिले में किया गया और बंदूकधारियों ने चार पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गयी. कलात राजधानी क्वेटा से करीब 150 किलोमीटर दक्षिण में स्थिति है और बलूच कबीलों का इलाके में दबदबा है. इस बीच, चीन की जनवादी मुक्ति सेना (पीएलए) के जमीनी बलों के कमांडर जनरल ली कियोमिंग ने सोमवार को इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की.



