
कटिहार. बिहार में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने मंगलवार को आरोप लगाया कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ”जानबूझकर या अनजाने में” हिंदी पट्टी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मदद कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि अब लोग ”ओवैसी को भलीभांति समझ चुके हैं.” कटिहार जिले की कदवा विधानसभा सीट से विधायक खान ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ”मुझे लगता है कि ओवैसी की राजनीतिक सोच मूल रूप से त्रुटिपूर्ण है. भारत एक बहुलतावादी समाज है और महागठबंधन इस विचार को राजनीति में भी प्रतिबिंबित करने के लिए प्रतिबद्ध है. लेकिन ओवैसी क्या कर रहे हैं? उन्हें ‘वोट कटवा’ (स्पॉइलर) के रूप में देखा जाता है.” वह 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम के प्रदर्शन और इस बार के संभावित प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. वर्ष 2020 में ओवैसी की पार्टी ने पांच सीट जीती थीं.
कांग्रेस नेता खान ने कहा, ”मुझे समझ नहीं आता कि इसे आश्चर्य कहा जाए या ओवैसी की अत्यधिक चालाकी. वह अपने गृह राज्य तेलंगाना में कभी सभी सीट पर चुनाव नहीं लड़ते, लेकिन बिहार और उत्तर प्रदेश में उम्मीदवार उतारना पसंद करते हैं. उत्तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें क्या हासिल हुआ? उन्होंने सिर्फ योगी आदित्यनाथ को सत्ता में बनाए रखने में मदद की. लोग अब यह सब समझ चुके हैं.” दिल्ली में सोमवार को हुए विस्फोट के बारे में पूछे जाने पर खान ने कहा, ”मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं. बतौर गृहमंत्री यह अमित शाह की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाएं घटित ही न हों. अब जब यह दुखद घटना हो चुकी है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.” उन्होंने कहा कि वह किसी भी समुदाय को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने वाली विभाजनकारी राजनीति में विश्वास नहीं करते.
बिहार विधानसभा चुनाव के बारे में खान ने कहा, ”लोग स्पष्ट रूप से उत्साहित हैं और बदलाव के लिए वोट कर रहे हैं, यही कारण है कि मतदान प्रतिशत अधिक है. हम अगली सरकार बनाएंगे.” यह पूछे जाने पर कि यदि महागठबंधन की सरकार बनने पर किसी मुस्लिम को उपमुख्यमंत्री बनाया जाए तो क्या वह इस भूमिका के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने कहा, ”यह निर्णय पार्टी नेतृत्व का होगा. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा ने बिहार चुनाव में जबरदस्त प्रचार किया है और माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है.”
उन्होंने पिछले सप्ताह समस्तीपुर जिले में एक मतदान केंद्र के बाहर वीवीपैट र्पिचयों की बरामदगी की घटना पर चिंता जतायी और कहा, ”निर्वाचन आयोग से निष्पक्षता समाप्त हो गई है. कुप्रबंधन हर जगह दिख रहा है. मेरे अपने क्षेत्र में बुजुर्ग मतदाता शिकायत कर रहे हैं कि ईवीएम के पास पर्याप्त रोशनी नहीं है. कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं और कुछ बूथ पर तो सुबह नौ बजे तक मतदान शुरू ही नहीं हो सका.”



