पनगढि़या ने भारत के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ होने संबंधी दावे को नकारा, सात प्रतिशत वृद्धि का दिया हवाला

नयी दिल्ली: सोलहवें वित्त आयोग के चेयरमैन अरंिवद पनगढि़या ने शुक्रवार को भारत के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘मृत अर्थव्यवस्था’ संबंधी टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और डॉलर के लिहाज से यह वृद्धि इससे भी अधिक है।

पनगढि़या ने यहां ‘बिजनेस टुडे इंडिया@100’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अगर अर्थव्यवस्था मृत होती तो वह सात प्रतिशत से अधिक की दर से नहीं बढ़ती। वास्तव में, डॉलर के लिहाज से हमारी वृद्धि दर सात प्रतिशत से भी अधिक है। मुझे नहीं पता ‘मृत अर्थव्यवस्था’ की परिभाषा क्या है…। हो सकता है कि मृत शरीर में भी हरकत होती हो।’’

भारत के खिलाफ लगातार हमलावर ट्रंप ने पिछले हफ्ते भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ बताते हुए कहा था, ‘‘मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को साथ लेकर डूब सकते हैं।’’

इसके बाद ट्रंप ने भारतीय उत्पादों के आयात पर लगे शुल्क को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है।
पनगढि़या ने भारत में व्यापार संरक्षणवाद के सवाल पर कहा कि इसके कुछ कदम संरक्षणवादी हो सकते हैं, लेकिन देश ‘काफी हद तक खुला’ है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह संसद में कहा था कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जो वैश्विक वृद्धि में लगभग 16 प्रतिशत योगदान दे रही है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।

गोयल ने कहा था कि एक दशक से थोड़े अधिक समय में ही भारत पांच कमजोर देशों के समूह ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है जिसका श्रेय सुधारों, किसानों, लघु एवं मझोले उद्यमों और उद्यमियों के प्रयासों को जाता है।

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