पीओके के लोग भारत में शामिल होने की मांग कर रहे : योगी आदित्यनाथ

दुनिया कर रही प्रधानमंत्री मोदी की दृष्टि का अनुसरण : मुख्यमंत्री योगी

अंबेडकरनगर/गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दावा किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लोग भारत का हिस्सा बनने की मांग कर रहे हैं और कोई भी ‘दरिद्र’ पाकिस्तान के साथ रहना नहीं चाहता. आदित्यनाथ ने कहा, ”क्या कोई नौ साल पहले सोच सकता था कि अनुच्छेद 370 खत्म हो जाएगा. कोई ऐसा नहीं सोचता था…आपने देखा कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया गया.”

उन्होंने कहा, ”कश्मीर अब भारत के कानून के तहत चल रहा है और विकास एवं शांति की नयी धारा के साथ आगे बढ. रहा है.” एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ अंबेडकरनगर पहुंचे. इस दौरान उन्­होंने 1,212 करोड़ रुपये की 2,339 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.

इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”आज कश्मीर में कोई हिंसा नहीं है. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से भारत का हिस्से बनने की मांग हो रही है. कोई भी ‘दरिद्र’ पाकिस्तान के साथ नहीं रहना चाहता है.” मुख्यमंत्री ने कहा, ”वर्ष 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था ”दो प्रधान, दो निशान और दो विधान’ यहां नहीं रहेगा और इसके लिए उन्होंने अपना बलिदान दिया. लोग कहते थे कि यह सपना है और हम कहा करते थे कि हम इसे हकीकत में बदलेंगे. भारत माता के सच्चे बेटे की तरह नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार किया.” उन्­होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक नई यात्रा की ओर आगे बढ. चुका है. आज दुनिया में जब भी कोई संकट आता है तो पूरा दुनिया आशा भरी निगाहों से भारत की तरफ देखता है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ”चाहे भारत की अवसंरचना विकास हो, आंतरिक और बाहरी सुरक्षा या जनता के लिए कल्याणकारी कार्य सब कुछ पूरी गंभीरता से किया जा रहा है. भारत बदल गया है और उसके प्रति दुनिया की धारणा भी.” पड़ोसी पाकिस्तान पर तंज कसते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराई जा रही है जबकि पड़ोसी देश में लोग दो वक्त के खाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान को उसके पापों की सजा मिल रही है. भारत अपनी नयी यात्रा पर आगे बढ. रहा है जबकि पाकिस्तानी भुखमरी का शिकार है.” योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौ साल पहले तक यही भारत आतंकवाद, नक्सलवाद और माओवाद से ग्रस्त था. आज कोई भी दुश्मन भारत की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सकता है. उन्होंने कहा कि आज भारत में दुश्मनों के गढ. में घुसकर एयर स्ट्राइक और र्सिजकल स्ट्राइक करने का साहस है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”नौ साल पहले आतंकवाद और नक्सलवाद 115 से अधिक जिलों में फैला था, आज यह तीन से चार जिलों में सीमित हो गया है. भारत की भूमि से नक्सलवाद को खत्म कर रामराज्य की आधारशिला रखी गई है और इस दृष्टिकोण को जल्द मूर्त रूप दिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विरासत का सम्मान हो रहा है. इस कड़ी में काशी विश्वनाथ धाम बनकर तैयार हो गया है. अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. जनवरी 2024 में प्रभु श्री राम अपने मंदिर में विराजमान हो जाएंगे. यह हर भारतवासी के लिए गौरव का क्षण होगा. अयोध्या के विकास का सबसे ज्यादा लाभ अंबेडकरनगर को मिलेगा.

दुनिया कर रही प्रधानमंत्री मोदी की दृष्टि का अनुसरण : मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि नौ वर्ष के ‘यशस्वी’ कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को एक नई पहचान दी है; सेवा, सुशासन व गरीब कल्याण की उनकी दृष्टि, उनके मॉडल का आज दुनिया अनुसरण कर रही है. केंद्र में मोदी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मंगलवार अपराह्न गोरखपुर में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने जिले में 2604 करोड़ रुपये से अधिक की 727 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया.

जनसभा को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि विकास की लंबी छलांग लगाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का एजेंडा, हर नागरिक का एजेंडा होना चाहिए. महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित जनसभा में योगी ने 2427.63 करोड़ रुपये के 692 विकास कार्यों के शिलान्यास तथा 176.83 करोड़ रुपये के 35 विकास कार्यों के लोकार्पण एवं सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम का लोकार्पण करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नौ वर्ष के दौरान सेवा, सुशासन व गरीब कल्याण के लिए नई दृष्टि दी है.

मुख्यमंत्री ने कहा,”रामराज्य की पहली शर्त है सेवा. मत, मजहब, सम्प्रदाय, भाषा, क्षेत्र से परे हम सबमें एक ही भाव होना चाहिए. यह है मेरा भारत महान का भाव.” उन्होंने कहा, “हमारा कर्म एक भारत, श्रेष्ठ भारत को सर्मिपत होना चाहिए. हमें विरासत पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए और वह विरासत विकास की प्रक्रिया से जुड़ता दिखना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश को यह नई दृष्टि मिली है.”

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