
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी की निलंबित नेता नुपुर शर्मा और पार्टी से निष्कासित किये गए नवीन जिंदल की विवादित टिप्पणियों के खिलाफ हावड़ा जिले में प्रदर्शन कर रहे लोगों से दिल्ली जाकर विरोध प्रकट करने का बृहस्पतिवार को अनुरोध किया. बनर्जी ने पत्रकारों से कहा दोनों की टिप्पणियों के चलते दुनियाभर में भारत की छवि धूमिल हुई है और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिये.
बनर्जी ने राज्य सचिवालय में कहा, ”कुछ जगहों पर सुबह से ही सड़कों को जाम किया जा रहा है और लोग परेशान हो रहे हैं. मैं आम लोगों की ओर से आपसे (प्रदर्शनकारियों) से अनुरोध करती हूं कि पश्चिम बंगाल में कुछ भी नहीं हुआ है, इसलिए यहां विरोध प्रदर्शन खत्म करके नयी दिल्ली जाएं और वहां विरोध करें, जहां भाजपा की सरकार है. गुजरात और उत्तर प्रदेश जाएं.”
पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की ममता ने की निंदा, आरोपी भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की मांग
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पैगंबर मोहम्मद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो पदाधिकारियों की टिप्पणी की बृहस्पतिवार को निंदा करते हुए इसे ‘‘घृणा भाषण’’ करार दिया और मांग की कि आरोपी नेताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
बनर्जी ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से न केवल हिंसा होती है बल्कि सामाजिक विभाजन भी होता है. उन्होंने सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के लोगों से उकसावे के बावजूद शांति बनाए रखने का आ’’ान किया.
बनर्जी ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘मैं कुछ भाजपा नेताओं द्वारा हाल ही में की गईं घृणित और अभद्र टिप्पणियों की निंदा करती हूं, जिसके परिणामस्वरूप न केवल हिंसा फैली, बल्कि देश के ताने-बाने का विभाजन भी हुआ, जिससे शांति और सौहार्द बिगड़ा.’’ उन्होंने कहा, “मैं दृढ़ता से चाहती हूं कि भाजपा के आरोपी नेताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाए ताकि देश की एकता भंग न हो और लोगों को मानसिक पीड़ा का सामना न करना पड़े.’’
बनर्जी ने लोगों से राष्ट्र के व्यापक हित में शांति बनाए रखने की अपील भी की. उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही, मैं सभी जातियों, पंथों, धर्मों और समुदायों के अपने सभी भाइयों और बहनों से आम लोगों के व्यापक हित में शांति बनाए रखने की अपील करती हूं.’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो पूर्व पदाधिकारियों की पैगंबर मोहम्मद पर कथित विवादास्पद टिप्पणी को लेकर पश्चिम एशियाई देशों द्वारा आक्रोश व्यक्त किया गया. वहीं, भारत ने इस मुद्दे पर इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी) की टिप्पणियों को सिरे से खारिज किया.
कुवैत, कतर और ईरान द्वारा नूपुर शर्मा तथा नवीन जिंदल की टिप्पणियों पर भारतीय राजदूतों को तलब किए जाने के बाद, सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इंडोनेशिया, बहरीन, मालदीव और ओमान सहित कई इस्लामी देशों ने भी टिप्पणियों की निंदा की. विवाद के बाद, भाजपा ने जिंदल को निष्कासित कर दिया और शर्मा को निलंबित कर दिया. टिप्पणी की निंदा करने वाले कुछ इस्लामी देशों ने दोनों नेताओं के खिलाफ भाजपा की दंडात्मक कार्रवाई का स्वागत किया.



