अवैध रूप से 2,000 रुपये के नोट जमा करने वाले लोग आरबीआई के फैसले पर रो रहे हैं : अनिल विज

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 21 May 2023 09:05 PM
अवैध रूप से 2,000 रुपये के नोट जमा करने वाले लोग आरबीआई के फैसले पर रो रहे हैं : अनिल विज
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चंडीगढ/रांची/मुंबई/लखनऊ. हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि जिन लोगों ने अवैध रूप से 2,000 रुपये के नोट जमा किए हैं वे ‘भारतीय रिजर्व बैंक’ (आरबीआई) द्वारा नोटों को चलन से वापस लिए जाने के फैसले पर रो रहे हैं.

विज ने शनिवार को एक बयान में कहा, “जो लोग रो रहे हैं, उन्होंने अवैध तरीके से बोरे में भरकर (2,000 रुपये के नोट) जमा किए हैं.” उन्होंने कहा, 2,000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे और इन्हें बैंकों में बदला या जमा किया जा सकता है. जिनके पास ये नोट हैं वे बैंक में जाकर इसे जमा कर सकते हैं या उन्हें बदलवा सकते हैं. नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 रुपये और 1000 रुपये के उच्च मूल्य के नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद 2000 रुपये का नया नोट चलन में लाया गया था.

2000 रुपये का नोट हटाना नोटबंदी की तरह ही एक राजनीतिक निर्णय है : हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को आरोप लगाया कि चलन से 2000 रूपये का नोट हटाना नोटबंदी की भांति ही एक ‘राजनीतिक निर्णय’ है. सोरेन ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ” यह (2000 रूपये का नोट चलन से वापस लेना) उनकी (भाजपा की) राजनीतिक पहचान को बचाने के लिए 2016 में की गयी नोटबंदी की भांति ही विशुद्ध रूप से एक राजनीतिक निर्णय है. लेकिन वे लोगों के सामने बेनकाब हो गये हैं. दुर्भाग्य से 2000 रुपये के नोट की उम्र महज छह से सात साल रही.”

उन्होंने दावा किया कि दो लाख से अधिक छोटे एवं मझोले उद्योग नोटबंदी के चलते बंद हो गये. उन्होंने कहा, ” कैमरा एवं मोबाइल फोन समेत हर चीज की भी एक उम्र होती है लेकिन दुभार्ग्य से 2000 रुपये का नोट महज 6-7 साल ही चला.”

2,000 रुपये के नोट चलन से बाहर करने से पहले इसके प्रभाव का अध्ययन जरूरी: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्­तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 2,000 रुपये के नोट चलन से बाहर करने की भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की घोषणा को जनहित को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला फैसला बताते हुए रविवार को कहा कि ऐसा करने से पहले इसके प्रभाव एवं परिणाम का समुचित अध्ययन जरूरी है.

बसपा प्रमुख ने ट्वीट किय, ”मुद्रा और वैश्विक बाजार में उसकी कीमत का संबंध देश के हित एवं प्रतिष्ठा से जुड़े होने के कारण इसमें जल्दी-जल्दी बदलाव करना जनहित को सीधे तौर पर प्रभावित करता है.” मायावती ने सलाह देते हुए कहा, ”इसीलिए ऐसा करने से पहले इसके प्रभाव एवं परिणाम पर समुचित अध्ययन जरूरी है. सरकार इस पर जरूर ध्यान दे.”

रिजर्व बैंक के 2,000 का नोट वापस लेने के बाद सोने की खरीद के लिए पूछताछ बढ.ी

दो हजार का नोट वापस लेने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) फैसले के बाद ज्वेलर्स से सोना, चांदी की खरीद संबंधी पूछताछ बढ. गई है. दुनिया में चीन के बाद भारत में सोने की खपत सबसे ज्यादा होती है. सर्राफा कारोबारियों के निकाय जीजेसी ने रविवार को कहा, ह्लहालांकि, 2016 में नोटबंदी के दौरान देखी गई स्थिति के विपरीत अब सोने की घबराहटपूर्ण लिवाली नहीं है.” वास्तव में पिछले दो दिन में अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) मानदंडों के कठोर नियमों के कारण 2,000 रुपये के नोटों के बदले सोने की खरीद वास्तव में कम रही है. हालांकि सूत्रों ने कहा कि कुछ जौहरियों ने सोना खरीद पर 5-10 प्रतिशत प्रीमियम लेना शुरू कर दिया है जिससे पीली धातु का भाव 66,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है.

देश में इस समय सोना लगभग 60,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है. अखिल भारतीय रत्न और आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन संयम मेहरा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ह्ल2,000 रुपये के नोटों से सोना या चांदी खरीदने को लेकर काफी पूछताछ की जा रही है, इसलिए शनिवार को दुकानों पर ज्यादा ग्राहक आए. हालांकि, सख्त केवाईसी नियमों के चलते वास्तविक खरीदारी कम हुई है.ह्व

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