
नयी दिल्ली. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित भारतीय उच्चायोग में गैर-जरूरी सेवाओं में कार्यरत कर्मी और उनके परिवार के सदस्य स्वेच्छा से बुधवार को भारत लौट आए. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हालांकि, उच्चायोग में सभी भारतीय राजनयिक ढाका से ही काम कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि भारतीय उच्चायोग काम कर रहा है.
बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा जारी रहने के बीच गैर-जरूरी सेवाओं में काम कर रहे कर्मी विमान से स्वदेश लौटे. शेख हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और वह सरकार विरोधी अभूतपूर्व प्रदर्शनों के बाद ढाका से दिल्ली के पास स्थित हिंडन वायु प्रतिष्ठान पहुंची थीं. ऐसी जानकारी है कि बांग्लादेश में अन्य भारतीय मिशन में गैर-जरूरी सेवाओं में कार्यरत कर्मी भी भारत लौट सकते हैं. ढाका में उच्चायोग के अलावा भारत के चटगांव, राजशाही, खुलना और सिलहट में सहायक उच्चायोग हैं.
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार को संसद भंग कर दी और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया. राष्ट्रपति के प्रेस सचिव मोहम्मद जैनुल आब्दीन ने बताया कि यह निर्णय राष्ट्रपति शहाबुद्दीन और छात्र आंदोलन के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच बंगभवन (राष्ट्रपति आवास) में हुई बैठक में किया गया. उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के अन्य सदस्यों के नाम विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय किए जाएंगे.



