स्वतंत्रता दिवस पर ‘हील इन इंडिया’, ‘हील बाय इंडिया’ परियोजनाओं की घोषणा कर सकते हैं प्रधानमंत्री

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 14 Aug 2022 08:03 PM
स्वतंत्रता दिवस पर ‘हील इन इंडिया’, ‘हील बाय इंडिया’ परियोजनाओं की घोषणा कर सकते हैं प्रधानमंत्री

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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस पर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ‘हील इन इंडिया’, ‘हील बाय इंडिया’ जैसी कई पहलों और 2047 तक ‘सिकल सेल’ बीमारी को खत्म करने के लिए एक रोडमैप की घोषणा कर सकते हैं. आधिकारिक सूत्रों ने यह बात कही.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में र्सिवकल कैंसर के खिलाफ क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस टीके (क्यूएचपीवी) को शामिल करने और एक नए नाम ‘पीएम समग्र स्वास्थ्य मिशन’ के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का विस्तार भी सोमवार को लालकिले से मोदी के भाषण में शामिल हो सकता है.

सूत्रों ने कहा कि ‘हील इन इंडिया’ पहल के तहत मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 12 राज्यों के 37 अस्पतालों में चिकित्सा बुनियादी ढांचे को बढ़ाया जाएगा. पहल का उद्देश्य मेडिकल टूरिज्म के लिए देश को एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है.
दस चिह्नित हवाई अड्डों पर दुभाषिए और विशेष डेस्क, एक बहुभाषी पोर्टल और अंतरराष्ट्रीय रोगियों तथा उनके साथियों के लिए सरलीकृत वीजा मानदंड भी पहल के मुख्य आकर्षणों में से हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सरकार ने 44 देशों की पहचान की है, जिनमें मुख्य रूप से अफ्रीकी, लातिन अमेरिकी, दक्षेस और खाड़ी देश हैं, जहां से बड़ी संख्या में लोग चिकित्सा उद्देश्यों के लिए भारत आते हैं. उन्होंने कहा कि इन देशों में इलाज की लागत और गुणवत्ता को भी ध्यान में रखा गया है.

‘हील बाय इंडिया’ पहल का उद्देश्य देश को स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित और सक्षम श्रमशक्ति के वैश्विक स्रोत के रूप में पेश करना है. इसके तहत स्वास्थ्य मंत्रालय चिकित्सकों, नर्सों और फार्मासिस्ट सहित स्वास्थ्य पेशेवरों का एक आॅनलाइन मंच तैयार कर रहा है जिसमें यह भी उल्लेख करने का प्रावधान है कि वे किस राष्ट्र को अपनी सेवाएं देना चाहते हैं.

इस संबंध में एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पोर्टल के माध्यम से, बाहरी हितधारक जैसे कि भारत या विदेश के मरीज और भर्ती करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सा प्रणाली, ज्ञात भाषाओं और जिस देश में वे काम करना पसंद करते हैं, के आधार पर एक आवश्यक पेशेवर की तलाश कर सकेंगे.

जिला स्तर के अस्पतालों में तृतीयक देखभाल क्षमता विकसित करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विस्तार की प्रधानमंत्री की अपेक्षित घोषणा के बारे में, एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि प्रत्येक राज्य के लिए आवंटित संसाधनों का पांच प्रतिशत तृतीयक देखभाल के लिए निर्धारित किया जाएगा. सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया कि विस्तार के साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का नाम पीएम समग्र स्वास्थ्य मिशन रखे जाने की उम्मीद है.

भारत की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक ‘सिकल सेल’ बीमारी को खत्म करने के लिए जनजातीय मामलों के मंत्रालय के सहयोग से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए रणनीतिक रोडमैप के बारे में एक अधिकारी ने कहा कि तीन साल में 17 राज्यों के 200 जिलों में 40 साल से कम उम्र के लगभग सात करोड़ लोगों की स्क्रींिनग के लिए एक खाका तैयार किया गया है. क्यूएचपीवी टीका स्वदेशी रूप से सीरम इंस्टिट्यूट आॅफ इंडिया ने विकसित किया है. फिलहाल भारत टीके के लिए पूरी तरह विदेशी विनिर्माताओं पर निर्भर है.

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय 9-14 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए क्यूएचपीवी टीकाकरण की शुरुआत करने की योजना बना रहा है. एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इसकी शुरुआत में छह महीने तक का समय लग सकता है.
भारत में र्सिवकल कैंसर 15 से 44 वर्ष की आयु की महिलाओं में दूसरा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है. देश में हर साल 1,22,844 महिलाएं र्सिवकल कैंसर से प्रभावित होती हैं, जिनमें से 67,477 की मौत हो जाती है. सूत्रों ने कहा कि टीकाकरण से 9-14 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों में र्सिवकल कैंसर को रोका जा सकता है.

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