पुलिस से अपेक्षा की जाती है कि महिलाओं से सम्मानपूर्वक व्यवहार करें: दिल्ली उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे महिलाओं के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें और अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने से बचें. उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए की. महिला ने याचिका दायर करते हुए आग्रह किया था कि थानों को महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और महिलाओं से पुलिस अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की अनुचित भाषा का प्रयोग नहीं किए जाने के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए जाएं.

न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने कहा, ”अदालत को ऐसे कोई दिशानिर्देश बनाने का कोई कारण नहीं दिखता. इसमें कोई संदेह नहीं है कि पुलिस अधिकारियों से महिलाओं के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने और अनुचित भाषा का प्रयोग करने से बचने की अपेक्षा की जाती है. इसलिए दिशा निर्देश जारी करने का आग्रह गलत है.” याचिकाकर्ता थोप्पनी संजीव राव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में अपनी एक शिकायत दर्ज करवाई थी और याचिकाकर्ता राव ने इसी शिकायत की जांच कराने का आग्रह किया था. राव ने दलील दी थी कि एनएचआरसी द्वारा पुलिस को चार सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई.

अदालत ने 14 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि एनएचआरसी के संबंध में याचिकाकर्ता ने कहा है कि पूर्व के निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में आयोग के पास मामले की स्वत: संज्ञान लेकर जांच करने की शक्तियां हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button