दिल्ली में प्रदूषण : केंद्रीय कर्मियों के संगठन ने घर से काम करने की मांगी अनुमति

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 18 Nov 2024 08:06 PM
दिल्ली में प्रदूषण : केंद्रीय कर्मियों के संगठन ने घर से काम करने की मांगी अनुमति

ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने दिल्ली की वायु गुणवत्ता में खतरनाक स्तर पर आई गिरावट को रेखांकित करते हुए सोमवार को गंभीर प्रदूषण स्तर के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए घर से काम करने, काम के घंटे अलग-अलग करने और सभी कार्यालय भवनों में एयर प्यूरीफायर लगाने की मांग की.

सीएसएस फोरम ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव को लिखे पत्र में कहा कि खराब वायु गुणवत्ता का कार्यस्थल की उत्पादकता पर भी उल्लेखनीय प्रभाव पड़ा है. इससे कर्मचारियों को श्वसन संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन, थकान और सामान्य बेचैनी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं.

सीएसएस फोरम द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है, ”सभी लोगों, विशेषकर सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाना अनिवार्य हो गया है.” पत्र में कहा गया है कि खतरनाक वायु गुणवत्ता के लगातार संपर्क में रहने से कर्मचारियों और उनके परिवारों में श्वसन संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि हो रही है.

सीएसएस फोरम के महासचिव आशुतोष मिश्रा द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदूष्ण से राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले लोगों और कर्मचारियों के दैनिक जीवन पर काफी प्रभाव पड़ा है. सीएसएस अधिकारी संघ ने कार्यालयों की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी भवनों में एयर प्यूरीफायर की व्यवस्था करने की भी मांग की है. मिश्रा ने कहा, ”सुनिश्चित करें कि कर्मचारियों को एन95 मास्क और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं.” सीएसएस फोरम सीएसएस अधिकारियों का एक प्रमुख संघ है.

दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को बहुत अधिक खराब हो गई और द्वारका, मुंडका तथा नजफगढ़ जैसे क्षेत्रों में दोपहर के समय अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 500 दर्ज किया गया. राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की घनी चादर छाने से लोगों ने खुजली और आंखों से पानी आने की शिकायत की. सोमवार को सुबह आठ बजे यहां का एक्यूआई 484 दर्ज किया गया. एक्यूआई इस मौसम में अब तक के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दोपहर दो बजे तक एक्यूआई 491 दर्ज किया गया.

चिकित्सीय आपात स्थिति का सामना कर रहा है उत्तर भारत : आतिशी

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर पर पहुंचने को लेकर सोमवार को चिंता जताई. आतिशी ने आरोप लगाया कि ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन वाले’ कई राज्यों में बड़े पैमाने पर पराली जलाने की घटनाओं के कारण उत्तर भारत को चिकित्सीय आपात स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली में संवाददाताओं से मुखातिब आतिशी ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार संकट का समाधान करने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

उन्होंने कहा, “मोदी सरकार की नि्क्रिरयता की वजह से उत्तर भारत का दम घुट रहा है. हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) के शासन वाले पंजाब में इनमें गिरावट दर्ज की गई है.” आतिशी के आरोपों पर भाजपा की तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. मुख्यमंत्री ने आधिकारिक आंकड़ों की तरफ इशारा किया और दावा किया कि ‘आप’ शासित पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में कमी एक प्रभावी शासन को दर्शाती है, जो भाजपा शासित राज्यों में नदारद है.

दिल्ली में सोमवार को जहरीली धुंध की मोटी परत छाने से दृश्यता प्रभावित रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 484 पर पहुंच गया, जो “अतिगंभीर” श्रेणी में आता है. आतिशी ने स्थिति से निपटने के केंद्र सरकार के तरीके की आलोचना की. उन्होंने कहा, “वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर के कारण दिल्ली के लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं और बुजुर्गों एवं बच्चों को चिकित्सकीय सहायता की जरूर पड़ रही है. केंद्र सरकार कार्रवाई करने के बजाय राजनीति करने में व्यस्त है, जिससे पूरे क्षेत्र को चिकित्सकीय आपात स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.” आतिशी ने सवाल किया कि केंद्र सरकार ने पंजाब में लागू किए गए कदमों के समान कदम क्यों नहीं उठाए.

उन्होंने कहा, “अगर पंजाब सरकार पराली जलाने की घटनाओं में कमी ला सकती है, तो भाजपा शासित राज्य ऐसा क्यों नहीं कर सकते? पूरे उत्तर भारत में प्रदूषण का बढ़ता स्तर केंद्र सरकार की नीतियों की विफलता को उजागर करता है.” सोमवार सुबह खराब दृश्यता के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कई विमानों ने देरी से उड़ान भरी, जबकि 11 उड़ानों के मार्ग में बदलाव करना पड़ा.
एक्यूआई के 450 के पार जाने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में सोमवार से चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के चौथे चरण के तहत प्रतिबंधों को लागू करने का आदेश दिया है.

नवभारत डिजिटल टॉप स्टोरी

  1. 1 Suruchi Club : महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल प्रेरणा भट्ट मनीषा अग्रवाल मधु अरोरा डॉ प्रिया जोशी संजना बघेल कविता देव ने साझा किए कारोबारी टिप्स, नवभारत की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी रहीं अतिथि मेजबान
  2. 2 Suruchi Club : महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल प्रेरणा भट्ट मनीषा अग्रवाल मधु अरोरा डॉ प्रिया जोशी संजना बघेल कविता देव ने साझा किए कारोबारी टिप्स, नवभारत की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी रहीं अतिथि मेजबान
  3. 3 Suruchi Club : महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल प्रेरणा भट्ट मनीषा अग्रवाल मधु अरोरा डॉ प्रिया जोशी संजना बघेल कविता देव ने साझा किए कारोबार, नवभारत की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी रहीं अतिथि मेजबान
  4. 4 Suruchi Club : महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल प्रेरणा भट्ट मनीषा अग्रवाल मधु अरोरा डॉ प्रिया जोशी संजना बघेल कविता देव ने साझा किए कारोबारी टिप्स, नवभारत की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी रहीं अतिथि मेजबान
By Yogesh Kumar Sahu