राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 71 प्रमुख हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से किया सम्मानित

पद्म पुरस्कार पाने वालों में पंकज उधास, शेखर कपूर, वायलिन वादक सुब्रमण्यम शामिल

नयी दिल्ली.  सुजुकी मोटर के पूर्व प्रमुख दिवंगत ओसामु सुजुकी, प्रसिद्ध गायक दिवंगत पंकज उधास, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत सुशील कुमार मोदी और तमिल दैनिक दिनामलार के प्रकाशक, लक्ष्मीपति रामसुब्बायर उन 71 प्रमुख हस्तियों में शामिल थे जिन्हें सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया.

इस साल 25 जनवरी को 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 139 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को देश के नागरिक पुरस्कारों – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री – के लिए नामित किया गया था. इनमें से 71 लोगों को सोमवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में राष्ट्रपति भवन के भव्य दरबार हॉल में ये पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि शेष को शीघ्र ही एक अलग समारोह में ये अलंकरण प्रदान किए जाएंगे.

वरिष्ठ अभिनेता एवं निर्देशक शेखर कपूर, क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन, हॉकी खिलाड़ी पी.आर. श्रीजेश, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और एआईजी हॉस्पिटल्स के अध्यक्ष डी. नागेश्वर रेड्डी, वायलिन वादक लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम और तेलुगु सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण, जिन्हें बलैया के नाम से भी जाना जाता है, अन्य प्रमुख हस्तियों में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए.

पुरस्कार पाने वालों में चार – सुजुकी (मरणोपरांत), सुब्रमण्यम, रेड्डी और मलयालम लेखक एवं फिल्म निर्देशक एम.टी. वासुदेवन नायर (मरणोपरांत) को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. कुल 10 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. इनमें पंकज उधास (मरणोपरांत), सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत), बालकृष्ण कपूर, पूर्व हॉकी खिलाड़ी श्रीजेश, तमिल अभिनेता एस. अजित कुमार, जाइडस लाइफसाइंसेज के चेयरपर्सन पंकज पटेल और भारतीय-अमेरिकी इंजीनियर विनोद धाम शामिल हैं, जिन्हें ‘पेंटियम के जनक’ के रूप में जाना जाता है. इस अवसर पर 57 प्रमुख हस्तियों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया.

इनमें भारतीय स्टेट बैंक की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य, उद्योगपति पवन कुमार गोयनका, वन्यजीव शोधकर्ता और मराठी लेखक मारुति भुजंगराव चितमपल्ली और कुशल कठपुतली कलाकार भीमाव्वा डोड्डाबलप्पा शिलेक्याथरा शामिल हैं. शिलेक्याथरा ‘तोगालू गोम्बेयाता’ (चमड़े की कठपुतली) कला का अभ्यास करने वाली पहली महिलाओं में से एक हैं.

एम्स और एसजीपीजीआई के पूर्व निदेशक ए.के. महापात्रा और पंजाबी गायक जसपिंदर नरूला कौल को भी पद्म श्री दिया गया.
इस वर्ष पद्म पुरस्कार 30 गुमनाम नायकों को दिए गए, जिनमें 100 वर्षीय लीबिया लोबो सरदेसाई भी शामिल हैं, जिन्होंने गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

उन्होंने पुर्तगाली शासन के खिलाफ लोगों को एकजुट करने के लिए 1955 में एक जंगली क्षेत्र में भूमिगत रेडियो स्टेशन – ‘वोज दा लिबरडेड (स्वतंत्रता की आवाज)’ की सह-स्थापना की. ये पुरस्कार विभिन्न विषयों और क्षेत्रों, जैसे कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल और सिविल सेवा आदि में दिये जाते हैं. पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है; पद्म भूषण उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए तथा पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है.

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