महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर राष्ट्रपति की टिप्पणी मुद्दे की गंभीरता को दर्शाती है : भाजपा

नयी दिल्ली. भाजपा ने बुधवार को कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टिप्पणी इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाती है और अब समय आ गया है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ऐसे मामलों में न्याय सुनिश्चित किया जाए. भाजपा की यह प्रतिक्रिया मुर्मू द्वारा ‘पीटीआई-भाषा’ के लिए लिखे गए एक विशेष हस्ताक्षरित लेख के बाद आई है, जिसमें उन्होंने पहली बार कोलकाता में एक डॉक्टर के बलात्कार और हत्या पर बात की और महिलाओं के खिलाफ जारी अपराधों पर अपनी पीड़ा व्यक्त की है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर आक्रोश जाहिर करने के साथ ही इस पर अंकुश लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि बस! बहुत हो चुका. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत ऐसी ”विकृतियों” के प्रति जागरूक हो और उस मानसिकता का मुकाबला करे जो महिलाओं को ”कम शक्तिशाली”, ”कम सक्षम” और ”कम बुद्धिमान” के रूप में देखती है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “राष्ट्रपति के बयान से मामले की गंभीरता और गहराई को समझा जा सकता है. राष्ट्रपति देश की प्रथम नागरिक हैं.”

एक सवाल पर प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा, “इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप और दलगत राजनीति समाप्त होनी चाहिए तथा ऐसी घटनाओं में न्याय कैसे हो, भविष्य में ऐसी प्रवृत्तियों पर कैसे अंकुश लगाया जा सके, इस पर विचार किया जाना चाहिए.” हाल ही में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना को लेकर देशभर में आक्रोश के साथ महिलाओं के खिलाफ अपराध का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है.

मंगलवार को राज्य सचिवालय तक विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद के कारण बुधवार को भी पश्चिम बंगाल में दैनिक जीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ. त्रिवेदी ने कहा, “हमें यह कहते हुए खुशी नहीं हो रही है कि बंद को अभूतपूर्व सफलता मिली. लेकिन यह देखना दुखद है कि पश्चिम बंगाल सरकार बंद के माध्यम से व्यक्त की गई जनता की नाराजगी और गुस्से पर कोई ध्यान नहीं दे रही है.” भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता में दिए गए एक बयान को “दुखद प्रयास” बताते हुए खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बलात्कार के दोषियों को मृत्युदंड सुनिश्चित करने के लिए अगले सप्ताह मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाएगा.

उन्होंने आरोप लगाया, “अब वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए (बलात्कार के दोषियों के लिए) मृत्युदंड की बात कर रही हैं.” राज्य के आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौटने पर विचार करने की मुख्यमंत्री की अपील पर त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने अपनी अपील में यह कहकर “अप्रत्यक्ष रूप से” उन्हें डराने की कोशिश की है कि उनकी सरकार “उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करना चाहती और उनका करियर बर्बाद नहीं करना चाहती”. उन्होंने कहा, “हम मुख्यमंत्री की मानसिकता की निंदा करते हैं.” उन्होंने बनर्जी पर पश्चिम बंगाल में “तानाशाही” सरकार चलाने का आरोप लगाया.

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