
कन्याकुमारी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपनी ध्यान साधना के दूसरे दिन विवेकानंद रॉक मेमोरियल में सूर्योदय के दौरान ‘सूर्य अर्घ्य’ दिया. प्रधानमंत्री ने सूर्य देव को हाथ जोड़कर प्रणाम करने के बाद ‘अर्घ्य’ दिया. ‘सूर्य अर्घ्य’ आध्यात्मिक अभ्यास से जुड़ी एक परंपरा है, जिसमें भगवान सूर्य को जल अर्पित कर उन्हें नमन किया जाता है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संक्षिप्त वीडियो पोस्ट किया, जिसमें प्रधानमंत्री एक लोटे से समुद्र में सूर्य को जल अर्पित करते और माला जपते नजर आ रहे हैं. पार्टी ने पोस्ट में कहा, ”सूर्योदय, सूर्य अर्घ्य, आध्यात्मिकता”.
भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी की कुछ तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जिसमें वह भगवा कुर्ता, शॉल और धोती पहने हुए ध्यान मंडपम में ध्यान में लीन दिखाई दे रहे हैं. तस्वीरों में उनके सामने रखी अगरबत्ती जलते हुए देखी जा सकती है. ध्यान मुद्रा में मोदी की तस्वीरें अलग-अलग समय पर ली गई हैं.
प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता एवं जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने आरोप लगाया कि पर्यटकों को उस क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं है, जिससे स्थानीय व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ा है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि इसके अलावा, इस क्षेत्र को जहाजों और विमानों के लिए निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में ध्यान लगाते हुए मोदी की वीडियो और तस्वीरें जारी करने के लिए भाजपा पर कटाक्ष किया.
कांग्रेस नेता ने पोस्ट में कहा, ”कितनी जगह पर कितने वीडियोग्राफर खड़े थे! स्वामी विवेकानंद मौन हैं.” प्रधानमंत्री ने विवेकानंद रॉक मेमोरियल में 30 मई की शाम को ध्यान लगाना शुरू किया और वह एक जून की शाम तक इस ध्यान करेंगे. प्रधानमंत्री ने 2019 में लोकसभा चुनाव में प्रचार के बाद केदारनाथ गुफा में भी इसी तरह ध्यान लगाया था.



