प्रधानमंत्री ने कृषि उपज बढ़ाने के लिए जलवायु अनुकूल बीजों की 109 किस्में जारी कीं

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 11 Aug 2024 07:47 PM
प्रधानमंत्री ने कृषि उपज बढ़ाने के लिए जलवायु अनुकूल बीजों की 109 किस्में जारी कीं
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कृषि और बागवानी फसलों की उच्च उपज वाली, जलवायु अनुकूल और जैव-सुदृढ़ीकृत बीजों की 109 किस्मों को जारी किया. इस पहल का उद्देश्य कृषि उत्पादकता और किसानों की आय को बढ़ाना है. इन किस्मों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने विकसित किया है और ये कुल 61 फसलों से संबंधित हैं. इनमें 34 खेतों में लगाई जाने वाली और 27 बागवानी की फसलें हैं.

मोदी ने दिल्ली के पूसा परिसर में तीन प्रायोगिक कृषि भूखंडों पर बीजों को पेश किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत भी की. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने किसानों के साथ इन नई किस्मों के महत्व पर चर्चा करते हुए कृषि में मूल्य संवर्धन के महत्व पर जोर दिया. इस अवसर पर मौजूद किसानों ने कहा कि 61 फसलों से संबंधित ये नई किस्में कम लागत के कारण उनके लिए अत्यधिक लाभकारी होंगी.

प्रधानमंत्री ने बाजरे के महत्व पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि लोग किस तरह पौष्टिक भोजन का रुख कर रहे हैं. उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभों और जैविक खेती के प्रति आम लोगों की बढ़ती रुचि के बारे में भी बात की. मोदी ने कहा कि लोगों ने जैविक खाद्य पदार्थों का उपभोग और मांग करना शुरू कर दिया है. बयान के मुताबिक, किसानों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में सरकार के प्रयासों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की भूमिका की भी सराहना की.

मोदी ने सुझाव दिया कि केवीके को हर महीने विकसित की जा रही नई किस्मों के लाभों के बारे में किसानों को सक्रिय रूप से बताना चाहिए. प्रधानमंत्री ने इन नई फसल किस्मों के विकास के लिए वैज्ञानिकों की भी सराहना की. केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि आज का दिन किसानों के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि 61 फसलों की बीजों की 109 किस्में जारी की गई हैं. इससे किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी.

चौहान ने कहा कि इन फसलों के बीज जलवायु के अनुकूल हैं और प्रतिकूल मौसम में भी अच्छी फसल दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि ये किस्में पोषण से भरपूर हैं. वैज्ञानिकों ने बताया कि वे अप्रचलित फसलों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रधानमंत्री के सुझाव के अनुरूप काम कर रहे हैं.

खेती की फसलों में अनाज, बाजरा, चारा, तिलहन, दलहन, गन्ना, कपास और फाइबर फसलें शामिल हैं. वहीं बागवानी की फसलों में फलों, सब्जियों, मसालों, फूलों और औषधीय पौधों की नई किस्में शामिल हैं. प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2014 से ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए टिकाऊ खेती के तरीकों और जलवायु अनुकूल तरीकों की वकालत करते रहे हैं. उन्होंने लगातार ‘जैव-सुदृढ़’ किस्मों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, और कुपोषण से निपटने के लिए उन्हें मध्याह्न भोजन योजना और आंगनवाड़ी सेवाओं जैसी सरकारी पहलों से जोड़ा है.

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