
कोलकाता. कोलकाता और इससे लगे हावड़ा के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच उस वक्त झड़पें हुईं, जब आंदोलनकारियों ने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ की ओर मार्च करने के लिए अवरोधकों को गिराने का प्रयास किया. प्रदर्शनकारियों ने शहर में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इस महीने की शुरूआत में, एक प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित बलात्कार व उसकी हत्या को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य सचिवालय पहुंचने की कोशिश कर रहे थे.
शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ”क्रूर” कार्रवाई का विरोध करते हुए भाजपा ने बुधवार को आम हड़ताल का आह्वान किया है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस फैसले की निंदा करते हुए दावा किया कि इसका उद्देश्य अराजकता पैदा करना है.
रैली के सिलसिले में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया. एमजी रोड, हेस्टग्सिं रोड और प्रिंसेप घाट के पास के इलाकों, संतरागाछी और हावड़ा मैदान में झड़पें होने की खबरें हैं, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ने नबान्न में संवाददाताओं से कहा, ”आज हमने स्थिति को अच्छी तरह से संभाला क्योंकि हम पूरी तरह से तैयार हैं. खुफिया सूचनाओं ने हमारी मदद की, अन्यथा स्थिति और भी खराब हो सकती थी. हमने 94 लोगों को गिरफ्तार किया है. हमने कल 25 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था.” कोलकाता पुलिस सूत्रों के अनुसार, रैली के आयोजकों में से एक पश्चिम बंग छात्र समाज के 126 सदस्यों और समर्थकों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से 33 महिलाएं हैं.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और राज्य सचिवालय की ओर जाने वाले रास्ते को रोकने के लिए लगाए गए अवरोधकों को गिराने का प्रयास किया. झड़प में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, जिसने खुद को हावड़ा पुलिस आयुक्तालय के चंडीतला थाने का प्रभारी बताया है.
एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, ”हमें पुलिस ने क्यों पीटा? हमने कोई कानून नहीं तोड़ा. हम डॉक्टर (मृतका) के लिए न्याय की मांग करने को लेकर शांतिपूर्ण रैली कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए.” पुलिस ने कहा कि जब कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को पार करने का प्रयास किया और सुरक्षार्किमयों पर ”हमला” किया तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसूगैस के गोले छोड़े. झड़पों में कोलकाता पुलिस के 15 और राज्य पुलिस बल के 14 जवान घायल हुए हैं.
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”हमें ऐसी बेकाबू भीड़ को अक्सर काबू किया करते हैं. हमारे अधिकारियों ने स्थिति को अच्छी तरह से संभाला है. हमने कई लोगों को हिरासत में लिया है और कानून अपना काम करेगा.” ‘नबान्न’ तक मार्च का आह्वान अपंजीकृत छात्र संगठन पश्चिम बंग छात्र समाज और संग्रामी जौथा मंच द्वारा अलग-अलग किया गया था. संग्रामी जौथा मंच राज्य सरकार के कर्मचारियों का संगठन है जो लंबे समय से अपने महंगाई भत्ते को केंद्र सरकार के समकक्षों के बराबर करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.
वरिष्ठ मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि पुलिस ने ‘नबान्न’ अभियान के दौरान उकसावे के आगे झुके बिना भीड़ को नियंत्रित करने में सराहनीय काम किया है. उन्होंने कहा, ”पुलिस ने शव को ले जाने की उनकी साजिश को नाकाम कर दिया. इसलिए उन्होंने दुर्गा पूजा उत्सव से पहले, बंगाल की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को पंगु करने के लिए बुधवार को हड़ताल का आह्वान किया है.”
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, ”हमें सुबह से शाम तक, आम हड़ताल का आह्वान करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि यह निरंकुश शासन लोगों की आवाज, मृतक डॉक्टर बहन के लिए न्याय की मांग को अनसुना कर रहा है. न्याय के बजाय, ममता बनर्जी की पुलिस राज्य के शांतिप्रिय लोगों पर हमला कर रही है, जो केवल महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल चाहते हैं.”
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा, ”पुलिस ने दिन में, नबान्न में शांतिपूर्ण मार्च करने वाले छात्रों पर अकल्पनीय अत्याचार किया. अगर ममता बनर्जी की पुलिस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शनकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार करती है, तो हम कल पूरे राज्य को ठप कर देंगे.” भाजपा के बंद के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा, ”हम शुरू से ही कह रहे हैं कि छात्र समाज द्वारा प्रायोजित नबान्न अभियान को भाजपा का समर्थन प्राप्त है.”
उन्होंने कहा, ”जिस तरह से छात्र प्रदर्शनकारियों के वेश में उपद्रवियों ने आज शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की, उसकी पूरी संभावना थी. यह इस बात से स्पष्ट है कि कैसे भाजपा ने बंद का आह्वान करने में कोई समय नहीं गंवाया.” पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि सुबह 6 बजे शुरू होने वाली हड़ताल के दौरान जनजीवन प्रभावित न हो.
दिन में, पुलिस ने हावड़ा ब्रिज के कोलकाता छोर पर और कोना एक्सप्रेसवे पर संतरागाछी रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया तथा पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.



