
पुणे. पुणे जिले की एक अदालत ने भूमि विवाद को लेकर कथित तौर पर कुछ लोगों को बंदूक दिखाकर धमकाने के आरोप में गिरफ्तार परिवीक्षाधीन आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सोमवार को पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद मनोरमा को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उन्हें 18 जुलाई को रायगढ. जिले के महाड के पास हिरकनिवाड़ी गांव के एक लॉज से पकड़ा गया था.
पिछले साल पुणे की मुलशी तहसील के धडवाली गांव में एक भूमि विवाद को लेकर मनोरमा द्वारा कुछ लोगों को कथित तौर पर बंदूक का भय दिखाकर धमकाने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उनकी और उनके पति दिलीप खेडकर की तलाश शुरू कर दी थी.
पुणे देहात की पौड पुलिस ने खेडकर दंपति और पांच अन्य पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 144 (घातक हथियारों से लैस गैरकानूनी जमावड़ा), 147 (दंगा) और 506 (आपराधिक धमकी) के अलावा शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था.
इससे पहले, शनिवार को पुलिस ने अदालत को सूचित किया था कि उसने अपराध में इस्तेमाल एक पिस्तौल और एक कार बरामद कर ली है. पूजा खेडकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की उम्मीदवारी में विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाणपत्रों के संबंध में अपने दावों और पुणे जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यकाल के दौरान अपने आचरण के लिए जांच के दायरे में हैं.



