
नयी दिल्ली/पणजी/मुंबई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग के खिलाफ चुनाव धोखाधड़ी के राहुल गांधी के आरोप को एक ”सुनियोजित धोखाधड़ी” करार दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत के लोकतंत्र तथा संविधान के खिलाफ एक बड़ी साजिश के तहत संवैधानिक संस्थाओं पर ”व्यवस्थित” हमला कर रही है.
सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि गांधी भाजपा की चुनावी जीत को ”धोखाधड़ी” बताकर देश के लोगों के ”विवेकपूर्ण निर्णय” का अपमान कर रहे हैं. इसने कहा कि मतदाता इस तरह के ”गैर-जिम्मेदार और बेशर्मी भरे” चरित्र एवं आचरण के लिए कांग्रेस को लगातार खारिज करते रहेंगे.
इसने आरोप लगाया कि गांधी ने हताशा और गुस्से में निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाए हैं, क्योंकि लोग कांग्रेस को अपना जनादेश नहीं दे रहे हैं. पार्टी ने चुनाव परिणामों पर दोहरे मापदंड अपनाने को लेकर कांग्रेस नेता की आलोचना की और उनसे कहा कि उन्हें यह बात समझनी चाहिए कि उनके परिवार की जीत लोकतंत्र की परिभाषा नहीं है.
भाजपा का यह बयान तब आया जब गांधी ने यहां मीडिया के सामने दावा किया कि कर्नाटक में एक लोकसभा क्षेत्र से संबंधित मतदाता आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी के इशारे पर निर्वाचन आयोग ने चुनावों में धांधली की, ताकि भाजपा को वोट ”चुराने” और 2024 के आम चुनाव में सीट जीतने में मदद मिल सके. कांग्रेस नेता ने भाजपा की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा देश भर में बड़े पैमाने पर ”आपराधिक धोखाधड़ी” की जा रही है. कांग्रेस नेता की टिप्पणी की निंदा करते हुए भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गैर-जिम्मेदाराना और बेशर्मी से भरी टिप्पणी की है.” भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि गांधी ने निर्वाचन आयोग को धोखेबाज कहा है और ”बेशर्मी” की सारी हदें पार कर दी हैं.
संसद भवन परिसर में पत्रकारों के साथ बातचीत में प्रसाद ने कहा, ”नरेन्द्र मोदी जी चुनाव जीत रहे हैं और आप (राहुल गांधी) उसे भी धोखाधड़ी कह रहे हैं. आप देश की जनता का अपमान कर रहे हैं, जिसने मोदी जी के काम, ईमानदारी और उनके नेतृत्व में देश की प्रगति के लिए उन्हें वोट दिया था.” वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ”आप मानहानि के मामलों में जमानत पाने के लिए देश भर में घूमते रहते हैं और आप किसी और को धोखेबाज कहते हैं. मैं राहुल गांधी के बयानों की कड़ी निंदा करता हूं. उनका व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है और उन्हें संवैधानिक संस्था के बारे में भी नहीं पता कि क्या बोलना है.” प्रसाद ने कहा कि गांधी ने हताशा और गुस्से के कारण निर्वाचन आयोग के खिलाफ ऐसे आरोप लगाए हैं, क्योंकि लोग कांग्रेस को अपना जनादेश नहीं दे रहे हैं.
उन्होंने कहा, ”आपके ऐसे व्यवहार, चरित्र और आचरण के कारण लोग आपको (कांग्रेस को) वोट नहीं देंगे.” इस बीच, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गांधी पर आरोप लगाया कि वह निर्वाचन आयोग पर हमला करके लोगों के “विवेकपूर्ण निर्णय” का अपमान कर रहे हैं.
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सत्ता खोने की पीड़ा में ‘बयान बहादुर’ राहुल गांधी पूरी तरह से अपना धैर्य खो चुके हैं.” वरिष्ठ भाजपा नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”वैचारिक रूप से खोखली कांग्रेस पार्टी संवैधानिक संस्थाओं पर व्यवस्थित रूप से हमला कर रही है. इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस सोची-समझी धोखाधड़ी के पीछे भारत के लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ एक बड़ी साजिश है.” उन्होंने कहा, ”आखिरकार, उनके परिवार का इतिहास भी आपातकाल के काले अध्याय से भरा हुआ है.” प्रधान ने चुनाव परिणामों पर ”दोहरे मानदंड” अपनाने के लिए गांधी की आलोचना की.
प्रधान ने कहा, ”यह दोहरा मापदंड अब नहीं चलेगा- जीतने पर निर्वाचन आयोग की प्रशंसा करना और हारने पर उसे पक्षपाती कहना.” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह समझने की जरूरत है कि उनके परिवार की जीत लोकतंत्र की परिभाषा नहीं है. प्रधान ने पूछा, “जब निर्वाचन आयोग ने बिहार में एसआईआर के संबंध में सभी दलों को शिकायत दर्ज कराने के लिए आमंत्रित किया था, तब राहुल गांधी कहां थे?” उन्होंने कहा, “उस समय न तो कांग्रेस और न ही ‘इंडिया’ गठबंधन के किसी घटक दल ने निर्वाचन आयोग से संपर्क किया.” प्रधान ने कहा कि बिहार के लोग अब लोकतंत्र और संविधान के ऐसे विरोधियों को करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं.
फडणवीस ने महाराष्ट्र चुनाव में ‘वोट चोरी’ के राहुल के आरोपों को खारिज किया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के इस आरोप को बृहस्पतिवार को दृढ़ता से खारिज कर दिया कि राज्य में पिछले साल संपन्न विधानसभा चुनावों में “वोट की चोरी हुई थी.” महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी.
नयी दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में संवाददाताओं से मुखातिब राहुल ने कहा कि महाराष्ट्र के नतीजों ने उनकी पार्टी के इस संदेह की पुष्टि कर दी कि विधानसभा चुनाव में “वोटों की चोरी हुई थी”. उन्होंने आरोप लगाया, “मशीन के पढ़ने योग्य मतदाता सूची न दिए जाने से हमें यकीन हो गया है कि निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में ‘वोट की चोरी’ के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत की है.” फडणवीस ने पणजी में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में वोट चोरी के आरोप लगाने के लिए राहुल पर पलटवार किया.
कांग्रेस सांसद की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि शायद उन्हें (राहुल को) अपने दिमाग की जांच करानी चाहिए.” फडणवीस ने कहा, “या तो उनका दिमाग चोरी हो गया है या उनके दिमाग में लगी चिप गायब हो गई है. इसीलिए वह अक्सर ऐसे बयान देते रहते हैं.”
भाजपा नीत महायुति गठबंधन ने पिछले चुनावों में महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीट में से 230 पर जीत दर्ज की थी. महायुति के घटक दलों की बात करें तो भाजपा के खाते में सर्वाधिक 130 सीट गई थीं, जबकि एकनाथ शिंदे-नीत शिवसेना को 57 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को 41 सीट पर जीत हासिल हुई थी. वहीं, विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) को चुनावों में करारी हार झेलनी पड़ी थी. इसमें शामिल शिवसेना (उबाठा) को 20 सीट पर जीत मिली थी, वहीं कांग्रेस को 16, जबकि शरद पवार की राकांपा (एसपी) को 10 सीट से संतोष करना पड़ा था.
निर्वाचन आयोग पर हमला बोलने के लिए शेलार ने साधा राहुल गांधी पर निशाना
महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार ने निर्वाचन आयोग (ईसी) पर नए सिरे से हमला बोलने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह हारे हुए व्यक्ति का अहंकार है. शेलार ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची की घोषणा की थी, तो न तो गांधी, न ही कांग्रेस और न ही विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) ने उसमें कथित अनियमितताओं के बारे में चिंता जताई.
उन्होंने कहा कि उस समय निर्वाचन आयोग को केवल 3,900 आपत्तियां मिली थीं.
भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष शेलार ने कहा कि यहां तक कि बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) भी मतदाता सूची की जांच करने के लिए अधिकृत हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास 27,000 से अधिक बीएलए हैं, लेकिन किसी ने भी मतदाता सूची पर आपत्ति नहीं जताई.
गांधी ने 2024 के चुनावों में कर्नाटक के एक लोकसभा क्षेत्र के आंकड़ों के विश्लेषण का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग के माध्यम से चुनावों में “व्यापक आपराधिक धोखाधड़ी” की. उन्होंने कहा कि यह संविधान के खिलाफ एक “अपराध” है. इससे पहले गांधी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी गड़बड़ी होने का दावा कर चुके हैं.
चुनाव में धांधली के राहुल के दावे निराधार : एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी द्वारा किए गए ”बड़े आपराधिक चुनावी धोखाधड़ी” के दावों को बृहस्पतिवार को ”निराधार” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को चुनाव हारने के बाद आरोप लगाने की आदत है. राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर शिंदे ने पलटवार करते हुए कहा, ”लोकसभा चुनाव में विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) ने महाराष्ट्र में 30 सीट जीतीं, जबकि हमें 17 सीट मिलीं. क्या इसका मतलब यह है कि उन्होंने (एमवीए) जनादेश चुरा लिया? जब आपने तेलंगाना और कर्नाटक में चुनाव जीता, तो क्या आप ईवीएम में हेराफेरी या वोट चोरी में संलिप्त थे.” उन्होंने कहा कि महायुति सरकार जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और लोगों ने सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों को मंजूरी दी, जो सत्तारूढ़ गठबंधन की भारी जीत में भी परिलक्षित हुआ.
शिंदे ने कहा, ”जब आप चुनाव जीतते हैं, तो निर्वाचन आयोग अच्छा होता है. जब आप चुनाव जीतते हैं, तो ईवीएम अच्छी होती हैं. लेकिन जब आप हार जाते हैं, तो आप आरोप लगाते हैं और सभी को दोषी ठहराते हैं. यह एक ऐसी नीति है, जिसमें खराब काम करने वाला हमेशा उपकरण को दोष देता है. यही कारण है कि लोगों ने विपक्ष को उसकी जगह दिखा दी है.” शिवसेना नेता ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप ”निराधार” हैं और निर्वाचन आयोग तथा सरकार की छवि को ”खराब” करने के इरादे से लगाए गए हैं.



