नयी दिल्ली/पुणे. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद सोमवार को जब इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे, तो उनकी जुबान फिसल गई, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव से पहले ही राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हार स्वीकार कर ली है.
राहुल गांधी ने पार्टी की कार्य समिति बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ”मध्य प्रदेश में सरकार जा रही है, राजस्थान में जा रही है, छत्तीसगढ़ में भी जा रही है…..” उन्हें तत्काल अपनी गलती का अहसास हुआ और फिर उन्होंने कहा, ”मैं उल्टा बोल गया…आपने (पत्रकार) मुझे भ्रमित कर दिया.” राहुल गांधी ने उम्मीद जताई कि पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस शानदार प्रदर्शन करेगी. उन्होंने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के कार्यों की तारीफ भी की.
उनकी जुबान फिसलने का वीडियो साझा कर भाजपा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स (पूर्व में ट्विटर)’ पर पोस्ट किया, ”राहुल गांधी ने स्वीकार कर लिया, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से जा रही है कांग्रेस सरकार!” भाजपा के कई नेताओं ने यह वीडियो साझा कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसा.
राहुल गांधी काबिल नेता हैं, पर अच्छे वक्ता नहीं: महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष वडेट्टीवार
महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सोमवार को कहा कि पार्टी सांसद राहुल गांधी एक काबिल नेता है, लेकिन वह एक अच्छे वक्ता नहीं हैं. वडेट्टीवार ने ‘एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिर्विसटी (डब्ल्यूपीयू)’ में ‘स्कूल ऑफ गवर्नेंस’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों को राजनीति में एक अच्छा वक्ता होने का महत्व समझाते हुए यह बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ नेताओं को राजनीति में युवा पीढ़ी को मौका देना चाहिए.
उन्होंने कहा, ”राजनीति में एक अच्छा वक्ता होना जरूरी है. राहुल गांधी एक काबिल नेता हैं, लेकिन वह एक अच्छे वक्ता नहीं हैं. आपको सबसे पहले एक अच्छा वक्ता बनना होगा. जब भी आपको लोगों के सामने बोलना हो, तो उदाहरण देकर बोलें.” महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. वडेट्टीवार ने एमआईटी-डब्ल्यूपीयू में ‘स्कूल ऑफ गवर्नेंस’ के संस्थापक राहुल कराड की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘राहुल’ नाम के व्यक्ति हमेशा कुशल होते हैं.
उन्होंने कहा, ”दो राहुल (नार्वेकर और कराड) यहां बैठे हैं और तीसरे राहुल (राहुल गांधी) वहां(दिल्ली में) बैठे हैं, जिनके नाम राहुल होते हैं वे कुशल होते हैं और उनका कौशल हमेशा अनोखा होता है.” उन्होंने यह भी कहा, ”अब लोग 70,80 और 90 साल की उम्र तक राजनीति में बने रहते हैं, लेकिन नयी पीढ़ी को आने का मौका देना चाहिए. यह पीढ़ी प्रशिक्षण लेकर तैयार हो रही है और इसीलिए हमने ठहरने का फैसला किया है.” वडेट्टीवार ने कहा कि राजनीति की खासियत यह है कि हर नेता को लगता है कि वह युवा है.
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ”जब मैंने पहली बार चुनाव लड़ा, तो मुझे (चुनाव लड़ने के लिए) 78,000 रुपये मिले, लेकिन यह मत पूछिए कि कितनी रकम की जरूरत होती है, नहीं तो चुनाव आयोग मेरे पीछे पड़ जाएगा.”