जयपुर/अहमदाबाद. भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए अपने 41 प्रत्याशियों की पहली सूची सोमवार को जारी की जिसमें राज्यवर्धन राठौड़ व बालकनाथ सहित सात मौजूदा सांसदों नाम भी शामिल हैं. पार्टी की पहली सूची में शामिल सात सांसदों में से छह लोकसभा के जबकि एक राज्यसभा के हैं . पार्टी ने पिछले चुनाव में हारे 12 उम्मीदवारों को भी दोबारा मौका दिया है.
पार्टी ने जिन सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारने की घोषणा की है उनमें लोकसभा सांसद नरेंद्र कुमार (मंडावा), दिया कुमारी (विद्याधर नगर), राज्यवर्धन राठौड़ (झोटवाड़ा), भागीरथ चौधरी (किशनगढ़), देवजी पटेल (सांचौर) एवं बालक नाथ (तिजारा) तथा राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा (सवाई माधोपुर) शामिल हैं.
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से नई दिल्ली में यह सूची जारी गई. 41 उम्मीदवारों में से 12 वे हैं जिन्हें पार्टी ने 2018 में मैदान में उतारा था लेकिन हार गए थे. सूची में तीन महिलाओं के नाम हैं. प्रदेश की विद्याधर नगर सीट से मौजूदा भाजपा विधायक नरपत सिंह राजवी का नाम इस सूची में शामिल नहीं है. पांच बार के विधायक राजवी पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत के दामाद हैं.
पार्टी ने गुर्जर आंदोलन के अगुवा रहे किरोड़ी बैंसला के बेटे विजय बैंसला को देवली उनियारा से उम्मीदवार बनाया है. इसी तरह पार्टी ने कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया को लक्ष्मणगढ़ से उम्मीदवार बनाया गया है जबकि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी चंद्रमोहन मीणा को बस्सी से उम्मीदवार बनाया गया है.
पार्टी की पहली सूची में छह अनुसूचित जाति, दस अनुसूचित जनजाति एवं 25 सामान्य सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए गये हैं. 2018 के विधानभा चुनाव में हार का सामना करने वाले जिन 12 उम्मीदवारों को पार्टी ने फिर मौका दिया है उनमें उदयपुर वाटी से शुभकरण चौधरी, दुदू से प्रेमचंद बैरवा व लालसोट से रामबिलास मीणा शामिल है. निर्वाचन विभाग ने सोमवार को नई दिल्ली में 2023 के विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की. इसके अनुसार राज्य की सभी 200 विधानसभा सीटों के लिए 23 नवंबर को मतदान होगा जबकि वोटों की गिनती तीन दिसंबर को मतगणना होगी.
राजस्थान में कांग्रेस के शासन में ‘पाकिस्तान समर्थक’ सोच वाले तत्व पनपे: भाजपा नेता नितिन पटेल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और गुजरात के पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने सोमवार को आरोप लगाया कि राजस्थान में पिछले पांच साल के कांग्रेस शासन में ‘पाकिस्तान समर्थक’ सोच वाले चरमपंथी तत्व पनपे हैं. पटेल ने विश्वास जताया कि राजस्थान की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाएगी. भाजपा ने जुलाई में पटेल को राजस्थान चुनाव के लिए सह-प्रभारी नियुक्त किया था.
निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि राजस्थान में 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव होंगे और मतगणना तीन दिसंबर को होगी. चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद यहां अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में पटेल ने दावा किया कि राजस्थान के लोग कांग्रेस से उकता गये है और उसकी सरकार को हटाने के लिए उतावले हैं.
पटेल ने आरोप लगाया, ”राजस्थान में कांग्रेस के पांच साल के शासन में असामाजिक तत्व और पाकिस्तान-समर्थक सोच वाले चरमपंथी तत्व न केवल फले फूले हैं, बल्कि उन्हें सरकार का संरक्षण भी मिला है.” उन्होंने दावा किया, ”इसके परिणामस्वरूप कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गयी. भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अपराध भी तेजी से बढ़े. लगभग हर दिन महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं.” पटेल ने कहा कि भाजपा चुनाव के बाद राजस्थान में नयी सरकार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने पिछले साल राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल नामक दर्जी की नृशंस हत्या का मुद्दा भी उठाया.
पटेल ने कहा, ”कांग्रेस के शासनकाल में लोग अपने त्योहार भी शांतिपूर्ण तरीके से नहीं मना सकते. राजस्थान के लोग अभी तक नहीं भूले कि किस तरह एक बेगुनाह कन्हैया लाल की आतंकी तत्वों ने हत्या कर दी थी. जनता अब ऐसी सरकार को हटाने के लिए उत्सुक है और मुझे विश्वास है कि वे इस बार भाजपा को चुनेंगे.”