
अयोध्या/लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि भगवान राम साक्षात धर्म के स्वरूप हैं और राम मंदिर पूर्वजों के बलिदान और उनकी भावनाओं की सिद्धि है. शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के बड़ा भक्तमाल में विराजमान भगवान सीता-वल्लभ को सोने का मुकुट और छत्र अर्पित करने के उपरांत अपने संबोधन में कहा कि लंबे संघर्ष के बाद मंदिर आंदोलन एक निर्णायक स्थिति में पहुंचा.
उन्होंने कहा, ”अयोध्या कैसी होनी चाहिए? यह तो इसकी शुरुआत है. भगवान राम साक्षात धर्म के स्वरूप हैं और राम मंदिर पूर्वजों के बलिदान और भावनाओं की सिद्धि है.” योगी ने कहा कि पहले लोग अपने आप को हिंदू और भारतीय बताने में संकोच करते थे, लेकिन आज हर व्यक्ति सनातन व भारतीयता के प्रति सम्मान का भाव रखता है. उन्होंने कहा कि 500 वर्षों तक चले लंबे संघर्ष के बाद रामलला 22 जनवरी को विराजमान होने जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम मंदिर का उद्घाटन करने आ रहे हैं, ऐसे में अयोध्यावासियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को सफल बनाने और उसे ऊंचाई तक ले जाने के लिए अयोध्या वासियों को जिम्मेदारी संभालनी होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा, ”आज एक नये भारत का दर्शन हो रहा है. दीपोत्सव में 52 देश के राजदूत आए थे. दीपोत्सव का प्रचार 52 देश में हुआ. भविष्य में कई कार्यक्रम होने जा रहे हैं. बड़ा भक्तमाल में मुकुट अर्पण समारोह भविष्य के कार्यक्रम की आधारशिला है.” उन्होंने कहा, ”अयोध्या के सुंदरीकरण की योजना को भी इससे बल मिला है. मानवीय जीवन के सभी हिस्से राम के आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त करते हैं. अयोध्या हमेशा से सेवा के प्रति समर्पण की मिसाल रही है. नर सेवा ही नारायण सेवा है, यह यहां के धार्मिक आयोजनों में दिखती है.”
योगी ने कहा कि 22 जनवरी के बाद अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे और अयोध्या को आतिथ्य सत्कार का एक आदर्श प्रस्तुत करना होगा. उन्होंने कहा कि यही प्रभु के महायज्ञ में हम सब की आहुति मानी जाएगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो भी आए, यहां के आतिथ्य से प्रभावित होकर जाए. यही संदेश अयोध्या से जाना चाहिए. इस अवसर पर देशभर के मठ-मंदिरों के महंतगण व साधु-संत जन मौजूद रहे.
सुपोषित और स्वस्थ बच्चे ही सशक्त भारत का आधार बनेंगे: योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में तीन से छह वर्ष के बच्चों को मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की तर्ज पर पका हुआ गर्म भोजन परोसने की शुरुआत करते हुए कहा कि सुपोषित और स्वस्थ बच्चे ही सशक्त भारत का आधार बनेंगे. लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शुक्रवार को अयोध्या पुलिस लाइन स्थित कंपोजिट विद्यालय से ‘हॉट कुक्ड मील योजना’ की शुरुआत करते हुए योगी ने कहा कि रामलला 500 वर्षों के बाद 22 जनवरी को अपने स्वयं के मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इससे पहले प्रदेश में तीन से छह साल के बच्चों को ‘मिड-डे मील’ की तर्ज पर बना हुआ गर्म भोजन परोसने के कार्य की शुरुआत अयोध्या से होना अत्यंत ही शुभ कार्य है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 403 करोड़ की लागत से 35 जिलों में 3401 आंगनबाड़ी केंद्रों का शिलान्यास किया. साथ ही अयोध्या रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिसर्किमयों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का भी लोकार्पण किया.
योगी आदित्यनाथ ने रामलला और हनुमानगढ़ी दरबार में दर्शन-पूजन किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे और रामलला और हनुमानगढ़ी दरबार में दर्शन-पूजन किया. शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यहां राम कथा पार्क हेलीपैड से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे. वहां पहुंचकर हनुमान जी की आरती उतारी और दर्शन-पूजन किया.
इसके बाद श्रीराम लला के दर्शन-पूजन कर देश-प्रदेशवासियों के कल्याण व सुख-समृद्धि की कामना की. रामलला के दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर निर्माण की प्रगति का जायजा लिया. यहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को मंदिर निर्माण से जुड़ी जानकारी दी. एक महीने के अंदर मुख्यमंत्री ने तीसरी बार रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन पूजन किया.
इससे पहले मुख्यमंत्री नौ नवंबर को कैबिनेट बैठक में शामिल होने अयोध्या पहुंचे थे, तब मंत्रियों के साथ उन्होंने दोनों मंदिरों में दर्शन पूजन किये थे. इसके बाद मुख्यमंत्री 11 नवंबर को दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए और उसके अगले दिन उन्होंने रामलला के दर्शन किये.



