
नयी दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा है कि उन्होंने समूह के विस्तार के अगले चरण को गति देने के लिए खुदरा, डिजिटल सेवाओं, मीडिया और मनोरंजन और नई ऊर्जा के चार उच्च-शक्ति वाले विकास इंजन तैयार किए हैं. उन्होंने कंपनी की सालाना रिपोर्ट में शेयरधारकों को दिए एक संदेश में कहा कि इसके साथ ही, रिलायंस खुद को एक नए युग के डीप-टेक (अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी) उद्यम के रूप में ढाल रही है.
पारंपरिक रूप से तेल और पेट्रोल-रसायन (ओ टू सी) को विकास का प्रमुख आधार मानने वाली इस कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में खुदरा, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं में कदम रखा है. इसके साथ समाचार और मनोरंजन चैनल के ईद-गिर्द एक मीडिया साम्राज्य का निर्माण किया है और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखने के लिए बड़े कारखानों की नींव रखी है.
अंबानी ने कहा, ”इन चारों में से प्रत्येक मंच प्रौद्योगिकी और नवान्मेष-प्रधान है और भारतीय उपभोक्ताओं और वैश्विक बाजार को व्यापक मूल्य प्रदान करते हुए उद्योगों में क्रांति लाने की स्थिति में है.” अपने मुख्य कारोबार तेल-रसायन (ओ2सी) व्यवसाय के बारे में उन्होंने कहा कि ये भारत की बढ.ती ऊर्जा और सामग्री मांग को पूरा करते हुए बढ.ते रहेंगे. इसमें एक ही स्थान पर दुनिया का सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी परिसर और पेट्रोरसायन संयंत्र, और तेल एवं गैस उत्पादन कारोबार शामिल हैं.
अंबानी कहा, ”हम केवल कंपनियों का विस्तार नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम ऐसे मंच बना रहे हैं जो लोगों को सशक्त बनाएं, असमानता कम करें, स्थिरता को बढ.ावा दें और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को ऊंचा करे.” अंबानी ने कहा, ”चाहे वह भारतीयों के खरीदारी करने, डेटा का उपभोग करने, मनोरंजन कार्यक्रम देखने या अपने घरों और व्यवसायों को ऊर्जा प्रदान करने के तरीके को बदलना हो… रिलायंस उद्देश्य और दृढ. विश्वास के साथ भविष्य को आकार दे रही है.” अंबानी ने कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है. डिजिटल प्रौद्योगिकी के जरिये आये बदलाव, वैश्विक परिवर्तन और प्रौद्योगिकी सफलताओं के जरिये इसका स्वरूप बदल रहा है. उन्होंने कहा, ”रिलायंस में, हम इसे एक चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देख रहे हैं.
अंबानी ने कहा कि हम अपने भविष्य की पुनर्कल्पना कर रहे हैं और अपनी कंपनियों को नए युग के अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी वाला उद्यम बनने के लिए नया रूप दे रहे हैं.” अंबानी ने कहा कि अगली पीढ.ी की प्रौद्योगिकी को हर व्यावसायिक क्षेत्र … ऊर्जा से लेकर मनोरंजन तक, खुदरा से लेकर डिजिटल सेवाओं तक… में एकीकृत किया जा रहा है. समूह में 1,000 से ज्यादा वैज्ञानिक हैं जो एआई (कृत्रिम मेधा), नवीकरणीय ऊर्जा, अत्याधुनिक सामग्री और डिजिटल मंच जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान पर काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ”भारत की वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति बनने की आकांक्षा को पूरा करने के लिए हमारे विनिर्माण बुनियादी ढांचे को भविष्य की दृष्टि से सुरक्षित बनाया जा रहा है.” अंबानी ने प्रत्येक इकाई के प्रदर्शन का विवरण देते हुए, कहा कि जहां खुदरा कारोबार 3.3 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया और स्टोर की संख्या 19,340 हो गयी. वहीं जियो 48.8 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ दुनिया का सबसे बड़ा डेटा नेटवर्क बनकर उभरा. कंपनी के 5जी नेटवर्क पर 19.1 करोड़ उपयोगकर्ता शामिल हैं. मीडिया क्षेत्र में, रिलायंस ने डिज्नी के साथ मिलकर, विभिन्न शैलियों में एक बड़ा और विशिष्ट मीडिया संस्थान बनाया और परिचालन शुरू करने के पहले कुछ महीनों के भीतर ही रिकॉर्ड संख्या में दर्शकों को जोड़ा.
उन्होंने कहा कि जहां पेट्रोल-रसायन ने अनुशासित लागत प्रबंधन और मजबूत घरेलू नियोजन के जरिये मजबूती दिखाई, वहीं तेल और गैस ने केजी-डी6 और सीबीएम (कोल बेड मिथेन) ब्लॉक से उत्पादन में वृद्धि के साथ रिकॉर्ड कर पूर्व आय अर्जित की. अंबानी ने कहा, ”रिलायंस की सफलता के मूल में मूल्यों, भरोसा और प्रतिभा पर आधारित नींव है. हमारा मजबूत बही-खाता, उत्पादकता पर निरंतर ध्यान और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमें साहसिक महत्वाकांक्षाओं को अपनाने का आत्मविश्वास देती है.”
मुकेश अंबानी को पांचवें साल कोई वेतन नहीं, उनके प्रवर्तक समूह को 3,600 करोड़ रुपये का लाभांश मिला
एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने अपने समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज से लगातार पांचवें साल कोई वेतन नहीं लिया और लाभांश उनकी आय का मुख्य स्रोत बना हुआ है. रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार तेल से लेकर दूरसंचार और खुदरा क्षेत्र तक फैला हुआ है.
अंबानी (68) ने वित्त वर्ष 2008-09 से 2019-20 तक अपने वार्षिक पारिश्रमिक को 15 करोड़ रुपये तक सीमित रखा था. उन्होंने कोविड-19 महामारी के बाद वित्त वर्ष 2020-21 से तब तक अपना वेतन छोड़ने का फैसला चुना, जब तक कि कंपनी और उसके सभी कारोबार पूरी तरह से अपनी आय क्षमता पर वापस नहीं आ जाते.
कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में उन्हें वेतन, भत्ते और सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में कोई राशि नहीं मिली.
दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर है, के लिए लाभांश आय ही आमदनी का स्रोत है.
रिलायंस में उनके सीधे 1.61 करोड़ शेयर हैं. कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए घोषित 5.50 रुपये प्रति शेयर लाभांश के आधार पर उन्हें 8.85 करोड़ रुपये की लाभांश आय मिलती है. जिन प्रवर्तक समूह की कंपनियों पर अंबानी का नियंत्रण है, उनमें उनके पास 664.5 करोड़ शेयर या 50.07 प्रतिशत शेयर हैं, जो 3,655 करोड़ रुपये की लाभांश आय देते हैं.
अंबानी के चचेरे भाई निखिल और हितल मेसवानी का पारिश्रमिक 2023-24 में क्रमश? 25.31 करोड़ रुपये और 25.42 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में थोड़ा कम होकर 25 करोड़ रुपये रह गया. कार्यकारी निदेशक पी एम एस प्रसाद का पारिश्रमिक 2024-25 में बढ़कर 19.96 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वर्ष 17.93 करोड़ रुपये था.
अंबानी के तीन बच्चे – ईशा, आकाश और अनंत, जिन्हें अक्टूबर, 2023 में शून्य वेतन पर बोर्ड में नियुक्त किया गया था, उनमें से प्रत्येक को ‘सिटिंग फीस’ के रूप में छह लाख रुपये और कमीशन के रूप में 2.27 लाख रुपये मिले. अंबानी के बच्चों में सबसे छोटे अनंत को रिलायंस बोर्ड में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है और चालू वित्त वर्ष से उन्हें 10 करोड़ रुपये से 20 करोड़ रुपये के बीच वेतन मिलेगा.



