
बेंगलुरु. रेणुकास्वामी हत्याकांड की मुख्य आरोपी कन्नड अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा को उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी जमानत रद्द किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस हिरासत में ले लिया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के सभी आरोपियों की जमानत रद्द होने की खबर आने के बाद एक टीम गौड़ा के घर पहुंच गई और उन्हें हिरासत में ले लिया गया. कन्नड अभिनेता दर्शन को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है, लेकिन उन्हें बृहस्पतिवार को कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर पुनाजनूर जांच चौकी पर अपनी गाड़ी में देखा गया.
उच्चतम न्यायालय ने अभिनेता दर्शन और हत्या के मामले में अन्य आरोपियों को दी गई जमानत बृहस्पतिवार को रद्द कर दी.
शीर्ष अदालत ने अधिकारियों को दर्शन और अन्य आरोपियों को तुरंत हिरासत में लेने का निर्देश दिया और मुकदमे की सुनवाई शीघ्रता से करने का आदेश दिया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पवित्रा के प्रशंसक 33 वर्षीय रेणुकास्वामी ने उन्हें अश्लील संदेश भेजे थे, जिससे नाराज दर्शन ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी. रेणुकास्वामी का शव 9 जून, 2024 को सुमनहल्ली में एक अपार्टमेंट के बगल में एक नाले के पास मिला था.
पुलिस सूत्रों ने कहा कि मामले में आरोपी संख्या एक पवित्रा गौड़ा रेणुकास्वामी की हत्या का ‘मुख्य कारण’ थी. उन्होंने दावा किया कि जांच से यह साबित हो गया है कि उसने अन्य आरोपियों को उकसाया, उनके साथ साजिश रची और अपराध में भाग लिया.
कानून के समक्ष सब बराबर हैं : राम्या ने दर्शन की जमानत रद्द किये जाने पर कहा
अभिनेत्री राम्या उर्फ दिव्या स्पंदना ने रेणुकास्वामी हत्या मामले में अभिनेता दर्शन और पवित्रा गौड़ा को दी गई जमानत रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले की सराहना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह एक कड़ा संदेश है कि ”कानून के समक्ष सभी समान हैं”.
राम्या ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ”रेणुकास्वामी हत्या मामले में दर्शन और अन्य की जमानत रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले से एक कड़ा संदेश गया है- कानून के सामने सभी समान हैं.” उन्होंने लोगों से न्याय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, ”उचित प्रक्रिया का पालन करें, न्याय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखें. यह लंबा और कठिन है, लेकिन सुरंग के अंत में रोशनी जरूर होती है. कानून को अपने हाथ में न लें, न्याय जरूर मिलेगा. सबसे जरूरी बात, अपनी अंतरात्मा के प्रति सच्चे रहें.” इससे पहले दिन में न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के जमानत देने के आदेश को



