
हैदराबाद/निजामाबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को माओवादियों से आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा में शामिल होकर देश के विकास में योगदान देने तथा राज्य के पुर्निनर्माण के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की. रेड्डी ने यहां पुलिस झंडा दिवस परेड को संबोधित करते हुए कहा कि तेलंगाना में पुलिस विभाग को राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी छूट दी गई है.
मुख्यमंत्री रेड्डरी ने कहा, ”तेलंगाना में पहले माओवादी गतिविधियां हुआ करती थीं. लेकिन पुलिस के विभिन्न कदमों से शांति है. मैं फिलहाल भूमिगत माओवादी नेताओं से सामने आकर मुख्यधारा में शामिल होने का अनुरोध करता हूं.” उन्होंने कहा, ”आप सभी जानते हैं कि हाल में कुछ प्रमुख माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण किया है. मैं शेष माओवादियों से मुख्यधारा में शामिल होकर देश के विकास का हिस्सा बनने का अनुरोध करता हूं. मैं माओवादियों से तेलंगाना के पुर्निनर्माण का हिस्सा बनने की अपील करता हूं.” उन्होंने कहा कि निवेश आना और रोजगार सृजन तभी संभव होगा जब राज्य में कानून-व्यवस्था बेहतर होगी.
रेड्डी ने कहा कि राज्य में नशीले पदार्थ की समस्या को खत्म करने के लिए नवगठित ईगल (एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट) बल अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहा है. मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि सरकार कांस्टेबल प्रमोद के परिवार के साथ है, जिनकी हाल ही में निजामाबाद में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मृत्यु हो गई. रेड्डी ने कहा कि कांस्टेबल के परिवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि तक का अंतिम वेतन, परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी और 300 वर्ग गज का एक आवासीय भूखंड स्वीकृत किया जा रहा है.
इसके अलावा, पुलिस विभाग की ओर से प्रमोद के परिवार को सहायता के रूप में 24 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि दी जाएगी.
पुलिस ने 18 अक्टूबर को बताया कि 42 वर्षीय कांस्टेबल की कथित तौर पर एक आदतन अपराधी ने चाकू मारकर हत्या कर दी, जब उसे निजामाबाद शहर के एक पुलिस थाने ले जाया जा रहा था.
पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि देश में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए 191 पुलिसर्किमयों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिनमें तेलंगाना के छह पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने प्रमुख विभागों में महिला पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति के सरकार के संकल्प पर भी प्रकाश डाला. तेलंगाना ने पुलिस विभाग के कई प्रमुख विभागों में योग्य महिला आईपीएस अधिकारियों को नियुक्त करके देश के लिए एक मिसाल कायम की है.
उन्होंने कहा कि आज, महिला आईपीएस अधिकारी तेलंगाना पुलिस अकादमी, कारागार विभाग, एसआईबी, एसीबी, सीआईडी, सतर्कता, सशस्त्र रिजर्व, सीसीएस और साइबर सुरक्षा ब्यूरो का नेतृत्व कर रही हैं. उन्होंने बताया कि सात महिला अधिकारी हैदराबाद, साइबराबाद और राचकोंडा पुलिस आयुक्तालयों में डीसीपी के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही हैं.
रेड्डी ने कहा कि अपराध मामलों से निपटने, जांच, यातायात नियंत्रण, दिन में गश्त, रात्रि गश्त, सुरक्षा और वीआईपी सुरक्षा में बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए, सरकार ने पुलिसर्किमयों के कल्याण के लिए कई कल्याणकारी कदम भी उठाए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने काम का बोझ कम करने और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए लगभग 16,000 कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर की भर्ती की है. उन्होंने कहा कि पुलिस के कर्तव्यों के निर्वहन में राजनीतिक हस्तक्षेप पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है.
तेलंगाना के 65 माओवादी अब भी भूमिगत हैं: डीजीपी शिवधर रेड्डी
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि राज्य के लगभग 65 माओवादी अब भी भूमिगत हैं, जिनमें से लगभग 40 नेतृत्वकारी पदों पर आसीन हैं. एक कुख्यात अपराधी द्वारा कथित तौर पर चाकू मारकर एक कांस्टेबल की हत्या कर दी गई थी. मारे गए कांस्टेबल के घर का दौरा करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए रेड्डी ने माओवादियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की और आश्वासन दिया कि पुलिस उन्हें परेशान नहीं करेगी.
पुलिस अधिकारी ने कहा, ”हमारे मुख्यमंत्री (रेवंत रेड्डी) ने भी माओवादियों से आत्मसमर्पण करने की खुली अपील की है. तेलंगाना के लगभग 65 लोग भूमिगत हैं और इनमें से लगभग 40 माओवादी संगठन में नेतृत्वकारी भूमिका में हैं. हम एक बार फिर माओवादियों को आत्मसमर्पण करने का प्रस्ताव दे रहे हैं.” उन्होंने कहा कि माओवादी आत्मसमर्पण करने के लिए मीडिया, राजस्व अधिकारियों या राजनेताओं के माध्यम से पुलिस से संपर्क कर सकते हैं.
रेड्डी ने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रतिबंधित संगठन के आत्मसमर्पण करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामलों के प्रति सहानुभूति रखेगी. इस बीच, दो महिलाओं समेत चार माओवादियों ने मुलुगु जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. पी. शबरीश के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उनमें से तीन पार्टी के सदस्य थे, जबकि एक मिलिशिया कमांडर के रूप में काम करता था. राज्य की आत्मसमर्पण नीति के तहत तेलंगाना सरकार ने मुख्य धारा में लौटने वाले चार भूमिगत माओवादियों में से प्रत्येक को 25 हजार रुपये का इनाम दिया.



