नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2019 से जारी रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत को इस आधार पर रद्द करने का अनुरोध किया कि उन्होंने इससे जुड़ी कानूनी शर्तों का उल्लंघन किया है। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने ईडी को एक हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति वाड्रा द्वारा कथित उल्लंघन का विवरण शामिल है।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू होने के तुरंत बाद एक ट्रायल कोर्ट ने वाड्रा को अग्रिम जमानत दे दी थी। एजेंसी के वकील ने हाईकोर्ट के समक्ष दलील दी है कि मामले में धन का लेन-देन कथित तौर पर उन तक पहुंच रहा है। वाड्रा से हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत है। ईडी ने यह भी कहा कि गांधी परिवार के दामाद जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
रॉबर्ट वाड्रा लंदन में एक संपत्ति की खरीद से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इसकी अनुमानित कीमत 1.9 मिलियन पाउंड (17 करोड़ रुपये) है। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत दर्ज किया गया है।