जयपुर के स्कूल की मान्यता रद्द करने के CBSE के फैसले से संतुष्ट हैं : मृतक छात्रा के पिता ने कहा

जयपुर. जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाली नौ वर्षीय छात्रा के पिता ने बुधवार को कहा कि वह स्कूल की मान्यता रद्द करने के सीबीएसई के फैसले से काफी हद तक संतुष्ट हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बेटी को परेशान किया जा रहा था लेकिन शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक नवंबर को नीरजा मोदी स्कूल में इमारत से कूदकर नौ वर्षीय छात्रा के आत्महत्या करने के बाद छात्रों के सुरक्षा नियमों के “घोर उल्लंघन” का हवाला देते हुए मंगलवार को स्कूल की मान्यता रद्द कर दी थी.

विजय मीना ने कहा, ”हमें उम्मीद थी कि सीबीएसई कार्रवाई करेगा और हम काफी हद तक संतुष्ट हैं. उन्होंने नौवीं और 11वीं कक्षा के छात्रों को दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित करने का भी सुझाव दिया है. सीबीएसई ने यह फैसला काफी सोच-समझकर लिया है.” उन्होंने कहा, ”पहली से आठवीं कक्षा तक का मामला राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया है क्योंकि यह सीबीएसई के दायरे में नहीं आता है. मैं मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से आग्रह करता हूं कि वे स्कूल के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई करें और आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पास के स्कूलों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था करें.” मीना ने आरोप लगाया कि यह घटना ‘बुलिंग’ (बच्ची को परेशान करने) की वजह से हुई.

उन्होंने कहा, ”हमने स्कूल का सीसीटीवी फुटेज देखा. हमने कक्षा की शिक्षिका से शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी.” विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा, ”अब सीबीएसई ने फैसला लिया है. राज्य सरकार शुरू से ही इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी. राज्य में एक स्कूल की एक इमारत गिरने की घटना हुई थी, जिसमें बच्चों की मौत हो गई थी.” अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन ने कहा कि काफी संघर्ष के बाद सीबीएसई ने कार्रवाई की है लेकिन 8वीं कक्षा तक की मान्यता राज्य सरकार देती है इसलिए राज्य सरकार को भी कार्रवाई करनी चाहिए.

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