
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे दिल्ली विस्फोट मामले में सलिप्त प्रत्येक दोषी की तलाश करें. इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि इस विस्फोट में संलिप्त सभी लोगों को सुरक्षा एजेंसियों के प्रकोप का सामना करना पड़ेगा. शाह ने यह निर्देश राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के नजदीक सोमवार शाम हुए विस्फोट के मद्देनजर आयोजित दो सुरक्षा समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करने के बाद दिये.
केंद्रीय गृहमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली कार विस्फोट पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. उन्हें इस घटना के पीछे के प्रत्येक अपराधी को पकड़ने का निर्देश दिया. इस कृत्य में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को हमारी एजेंसियों के प्रकोप का सामना करना पड़ेगा.” सूत्रों ने बताया कि पहली बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते शामिल हुए. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात भी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए.
उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान शीर्ष अधिकारियों ने विस्फोट के बाद की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं. सूत्रों ने बताया कि दोपहर की सुरक्षा समीक्षा बैठक में भी लगभग यही अधिकारी शामिल हुए. गृह मंत्रालय ने विस्फोट की जांच एनआईए को भी सौंप दी है. यह स्पष्ट संकेत है कि इस विस्फोट को सरकार ने आतंकवादी कृत्य माना है, क्योंकि एनआईए को केवल आतंकवादी मामलों की जांच करने का अधिकार है. इस धमाके में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है.
गृह मंत्री ने कहा है कि शीर्ष जांच एजेंसियां विस्फोट की जांच कर रही हैं और वे घटना की तह तक जाएंगी. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही एक कार में धमाका हुआ था. इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हो गए. धमाके की चपेट में आने कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए.
दिल्ली विस्फोट: शाह ने दो सुरक्षा समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता कीं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लाल किले के पास हुए विस्फोट के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को दो समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की. सूत्रों ने यह जानकारी दी. अमित शाह ने सुबह एक बैठक की तथा दोपहर में एक दूसरी बैठक की अध्यक्षता की .
सूत्रों ने बताया कि पहली बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते शामिल हुए. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात भी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए. बैठक के दौरान शीर्ष अधिकारियों ने विस्फोट के बाद की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं. सूत्रों ने बताया कि दोपहर की सुरक्षा समीक्षा बैठक में भी लगभग यही अधिकारी शामिल हुए.
गृह मंत्रालय ने विस्फोट की जांच एनआईए को भी सौंप दी है. यह स्पष्ट संकेत है कि इस विस्फोट को सरकार ने आतंकवादी कृत्य माना है, क्योंकि एनआईए को केवल आतंकवादी मामलों की जांच करने का अधिकार है. इस धमाके में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. गृह मंत्री ने कहा है कि शीर्ष जांच एजेंसियां विस्फोट की जांच कर रही हैं और वे घटना की तह तक जाएंगी.
शाह ने विस्फोट वाली कार से एकत्र मानव अंगों के नमूनों का मिलान करने का निर्देश दिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) को लाल किले के पास विस्फोट में शामिल कार से एकत्र किये गए मानव अंग के नमूनों का मिलान करने का निर्देश मंगलवार को दिया. सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्री ने एफएसएल को दिल्ली विस्फोट स्थल से एकत्र किए गए नमूनों का मिलान और जांच करने तथा घटना का विवरण जल्द से जल्द प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि शाह ने ये निर्देश उनकी अध्यक्षता में हुई दूसरी सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद दिए.
सूत्रों ने बताया कि बैठक में फोरेंसिक विज्ञान सेवाओं के निदेशक और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, दिल्ली के मुख्य निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए. शाह ने कहा है कि शीर्ष जांच एजेंसियां ??विस्फोट की जांच कर रही हैं और वे घटना की तह तक जाएंगी.
लाल किला के पास विस्फोट के बाद लावारिस सामानों के बारे में आए कई फोन; कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला
लाल किले के पास हुए बम विस्फोट में 12 लोगों की मौत के कुछ घंटों बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को “लावारिस” वाहनों और बैगों के बारे में पांच फोनकॉल प्राप्त हुईं, जो बाद में झूठी निकलीं. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. डीएफएस अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट की खबर फैलते ही फ.ोन आने शुरू हो गए. डीएफएस अधिकारी ने बताया, “पहला फोन रात 9.15 बजे बिजवासन से आया, जिसमें एक लावारिस बैग मिलने की सूचना थी. हमने तुरंत एक दमकल गाड़ी मौके पर भेजी, लेकिन कोई संदिग्ध चीज. नहीं मिली.” उन्होंने बताया कि कुछ ही मिनट बाद, रात 9.27 बजे, वसंत विहार से एक और फोन आया जिसमें एक लावारिस कार के बारे में बताया गया. दमकल गाड़ी को उस स्थान पर भेजा गया और जांच के बाद रात लगभग 10.15 बजे वापस लौट आई.
रात्रि 9.34 बजे द्वारका के सेक्टर 13 से भी सूचना मिली तथा उसके बाद रात्रि 9.35 बजे कश्मीरी गेट के पास से सूचना मिली. दोनों ही सूचना लावारिस कारों के संबंध में थी. अधिकारी ने बताया, “आखिरी फोन सिग्नेचर ब्रिज, खजूरी खास से रात 10.01 बजे आया, जो एक लावारिस वाहन के बारे में था. वहां भी कुछ नहीं मिला. हालांकि, स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय में प्रत्येक कॉल पर पूरी गंभीरता से ध्यान दिया गया.” अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की फोनकॉल लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद निवासियों में व्याप्त भय और बेचैनी की भावना को दर्शाती है. अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के बाद लोगों की चिंता स्वाभाविक थी. टीम ने तुरंत कार्रवाई की ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं भी कोई अप्रिय घटना ना हो.



