बलौदाबाजार आगजनी मामले में एनएसयूआई कार्यकर्ता समेत सात लोग गिरफ्तार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 26 Jun 2024 08:33 PM
बलौदाबाजार आगजनी मामले में एनएसयूआई कार्यकर्ता समेत सात लोग गिरफ्तार

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बलौदाबाजार. छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के एक नेता समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 10 जून को सतनामी समाज द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई आगजनी के मामले में अब तक भीम रेजिमेंट के सदस्यों समेत 145 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगजनी में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा रहा है. अधिकारियों ने बताया, ”इस मामले में एनएसयूआई के स्थानीय नेता सूर्यकांत वर्मा (25) समेत सात और आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया.” उन्होंने बताया कि सात में से राहुल टंडन (36) ने कथित तौर पर कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में एक व्यक्ति का मोबाइल फोन छीन लिया था, जो उसके पास से बरामद कर लिया गया है.

वर्मा की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने दावा किया कि पुलिस असली दोषियों को गिरफ्तार करने में विफल रही है और इसलिए वे एनएसयूआई के नेताओं को फंसा रहे हैं. पांडेय ने कहा कि वर्मा 10 जून को सतनामी समुदाय के विरोध प्रदर्शन के दौरान आयोजित सार्वजनिक बैठक में मौजूद थे, लेकिन वह तोड़फोड़ करने वाली भीड़ का हिस्सा नहीं थे. दस जून को बलौदाबाजार शहर में एक भीड़ ने सतनामी समाज द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सरकारी कार्यालय की इमारत और दोपहिया और चार पहिया वाहनों समेत 150 से अधिक वाहनों में आग लगा दी थी.

इस साल 15 और 16 मई की रात को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गिरौदपुरी धाम में अमर गुफा के पास अज्ञात व्यक्तियों ने सतनामी समाज द्वारा पूजे जाने वाले पवित्र प्रतीक ‘जैतखाम’ (विजय स्तंभ) को तोड़ दिया था. पुलिस ने बाद में घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था.

घटना के विरोध में समाज ने 10 जून को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में प्रदर्शन करने और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का आह्वान किया था. जब विरोध प्रदर्शन में आगजनी और पथराव हुआ, तो जिला प्रशासन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी थी, जिसके तहत बलौदाबाजार शहर में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई. छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध संत बाबा घासीदास ने सतनाम पंथ की स्थापना की थी. राज्य की अनुसूचित जातियों में बड़ी संख्या सतनामी समाज के लोगों की है तथा यह समाज यहां के प्रभावशाली समाजों में से एक है.

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By Yogesh Kumar Sahu