प्रधानमंत्री का नेतन्याहू की तारीफ करना शर्मनाक, फलस्तीन राष्ट्र को लेकर भी चुप्पी साधी: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि गाजा के ताजा घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सराहना करना शर्मनाक है क्योंकि नेतन्याहू गाजा में ”नरसंहार” के लिए जिम्मेदार हैं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि एक स्वतंत्र और संप्रभु फलस्तीन राष्ट्र के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री ने चुप्पी साध रखी है, जबकि भारत ने वर्ष 1988 में ही इसे मान्यता दे दी थी और अब तक 150 से अधिक देश मान्यता दे चुके हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए उस समझौते का बृहस्पतिवार को स्वागत किया जिसके तहत इजराइल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने का फैसला किया है. मोदी ने कहा कि यह समझौता इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का भी प्रतिबिंब है.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री ने गाज़ा को लेकर नए घटनाक्रम का स्वागत किया और राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना की. ऐसा करने की उनकी उत्सुकता आश्चर्यजनक नहीं है. लेकिन यह वास्तव में चौंकाने वाला, शर्मनाक और नैतिक रूप से घोर आपत्तिजनक है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की बिना शर्त प्रशंसा की गई, जिन्होंने पिछले 20 महीनों से गाज़ा में नरसंहार छेड़ रखा है.” उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक स्वतंत्र और संप्रभु फ.लस्तीन राष्ट्र के भविष्य पर भी पूरी तरह चुप्पी साध रखी है, जिसे भारत ने नवंबर 1988 में मान्यता दी थी और जिसे अब तक 150 से अधिक देश मान्यता दे चुके हैं.

रमेश का कहना है, ”इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी ने क.ब्ज़े वाले पश्चिमी तट में इजराइली बस्तियों के निरंतर विस्तार पर भी कुछ नहीं कहा है.” कांग्रेस ने पिछले सप्ताह आरोप लगाया था कि ट्रंप को खुश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गाजा शांति प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन गाजा में नरसंहार पर वह चुप रहे जो ”नैतिक कायरता है. पिछले महीने पटना में हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में भी गाजा के मुद्दे का उल्लेख किया गया था और ”नरसंहार” पर मोदी सरकार की कथित चुप्पी को शर्मनाक करार दिया तथा आरोप लगाया कि नैतिकता के लिहाज से भारत की विदेश नीति कलंक बन गई है.

प्रस्ताव में कहा गया था, ”कार्य समिति गाजा में निर्दोष नागरिकों के नरसंहार पर गहरी पीड़ा व्यक्त करती है. जो भारत हमेशा से नैतिक चेतना का प्रतीक और उत्तर-औपनिवेशिक विश्व का अगुआ रहा है, उसे इस सरकार ने शर्मनाक तरीके से एक मूक दर्शक के रूप में सीमित कर दिया है.” ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तुत एक समझौते के तहत इजराइल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने तथा कुछ बंधकों एवं कैदियों को रिहा करने पर सहमति व्यक्त की है. यह समझौता दो साल से जारी विनाशकारी युद्ध में पिछले कुछ महीनों के दौरान सबसे बड़ी सफलता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button