शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- सपा-कांग्रेस में मुझे इस्तेमाल करने की चतुरता नहीं, भाजपा दे मेरा साथ

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Fri, 13 Mar 2026 11:47 AM
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- सपा-कांग्रेस में मुझे इस्तेमाल करने की चतुरता नहीं, भाजपा दे मेरा साथ
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लखनऊ: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि सपा, कांग्रेस या कोई भी राजनीतिक दल इतना चतुर नहीं है कि मुझे चुनाव में इस्तेमाल कर सके। हम किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि गंगा और गोरक्षा जैसे मुद्दों के लिए काम कर रहे हैं, जो पहले से भाजपा के भी प्रमुख विषय रहे हैं। चाहे तो भाजपा भी मेरे समर्थन में आ सकती है। चुनाव में किसी की चालाकी से मेरा इस्तेमाल हो जाना संभव नहीं है। ये बातें उन्होंने बृहस्पतिवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कहीं।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लखनऊ के हासेमऊ स्थित गोशाला में बृहस्पतिवार को गो पूजन कर गोरक्षा के लिए धर्मयुद्ध का ऐलान किया। इसी के साथ उन्होंने गो प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरुआत करते हुए चतुरंगिणी सेना बनाने की घोषणा की। शंकराचार्य ने ऋग्वेद के पद अहम् हनन् वृत्ते गविष्ठे का अनुयायियों से सामूहिक जाप कराया। तर्जनी उंगली उठाकर भगवान कृष्ण की चक्र मुद्रा का अभ्यास भी कराया।

उन्होंने कहा कि यह धर्मयुद्ध गाय की रक्षा के लिए है। गाय को कष्ट देने वाले वृत्रासुर हमारे निशाने पर होंगे। जो लोग गाय को कष्ट पहुंचाते हैं, वे वृत्रासुर हैं। उनके अनुसार कसाईखाना चलाने वाले, गायों को वहां ले जाने वाले, सहयोग करने वाले और इसे होते देखकर भी मौन रहने वाले सभी वृत्रासुर की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने प्रदेश की सरकारी गोशालाओं में गायों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई।

चतुरंगिणी का बताया निहितार्थ : चतुरंगिणी सेना के नाम का अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि चतुरंगिणी का मतलब है- ऐसी शक्ति जिसके चार प्रमुख आधार हों। बुद्धि का बल, बाहुबल, धनबल व समर्पित सहयोगियों का बल शामिल है। साथ ही चारों वेदों की प्रेरणा, चार प्रमुख संप्रदायों का सहयोग व चार पीठों का समर्थन भी इसकी शक्ति का हिस्सा होगा। इस सेना में साधु, वैरागी और आम लोग होंगे।

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