सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले- संविधान मेरा धर्म, मतदाता ही भगवान

कर्नाटक: सिद्धारमैया ने कहा, कर्नाटक के अभिनेता राजकुमार ने कहा कि उनके दर्शक उनके लिए भगवान हैं। मेरे लिए हमारा संविधान हमारा धर्म है और मतदाता ही हमारे भगवान हैं। सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को धन्यवाद दिया और कहा, ‘जब साल 2006 में वे कांग्रेस में शामिल हुए, तब से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं ने मुझे पूरा समर्थन दिया और मैं आज सभी को धन्यवाद देता हूं। मैं दो बार मुख्यमंत्री रहा। इस दौरान मेरे सहयोगियों से मुझे पूरा सहयोग मिला, उसके लिए उन सभी का धन्यवाद।’

सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या कहा

इस्तीफे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल बंगलूरू में नहीं है इसलिए उन्होंने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंपा है। सिद्धारमैया ने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा था कि जब भी पार्टी आलाकमान उन्हें कहेगा, वे अपना इस्तीफा दे देंगे। अब पार्टी आलाकमान ने मुझे इस्तीफा देने को कहा तो इसलिए आज मैंने अपना इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल जब बंगलूरू आएंगे, तब वे उनके इस्तीफा को स्वीकार करेंगे। संविधान के अनुसार, राज्यपाल को मेरा इस्तीफा स्वीकार करना जरूरी है।’

सिद्धारमैया ने सीएम पद से दिया इस्तीफा

सिद्धारमैया ने लोक भवन जाकर सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धारमैया ने राज्यपाल कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंपा। अब कल कर्नाटक में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए सीएम का चुनाव होगा। हालांकि डीके शिवकुमार का सीएम बनना तय माना जा रहा है।

‘कर्नाटक की आर्थिक स्थिति बहुत खराब, सीएम चाहे कोई बने, नहीं मिलेगा फायदा’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने गुरुवार को कर्नाटक सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सिद्धारमैया के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। होसपेट में मीडिया से बातचीत के दौरान विजयेंद्र ने कहा, ‘सिद्धारमैया के बाद मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।’ उन्होंने कहा, कांग्रेस के तीन साल के शासन में कर्नाटक आर्थिक संकट में फंस गया है। सरकार ने लोगों को अच्छा शासन देने के लिए कोई ईमानदार और गंभीर प्रयास नहीं किया। राज्य की शासन व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों, गरीबों और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और सिर्फ अल्पसंख्यकों को खुश करने पर ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा, ‘सरकार किसानों, गरीबों और बेरोजगार युवाओं की समस्याएं सुनने में विफल रही है। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही लड़ाई शासन से भी बड़ा मुद्दा बन गई है। सत्ता की अंदरूनी खींचतान का असर प्रशासन पर पड़ रहा है। राज्य के युवा सरकार से नाराज हैं और कर्नाटक धीरे-धीरे ड्रग्स कैपिटल बनता जा रहा है।’ सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के अंदर अलग-अलग गुट सक्रिय हो गए हैं।

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