लेह में मौन मार्च विफल, कारगिल में शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया मार्च

Author: navabharat digital
UPDATED: Sat, 18 Oct 2025 03:54 PM
लेह में मौन मार्च विफल, कारगिल में शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया मार्च
ऑडियो सुनें

लेह: संविधान की छठी अनुसूची के तहत राज्य का दर्जा और सुरक्षा उपायों के लिए अपने आंदोलन के हिस्से के रूप में लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) द्वारा संयुक्त रूप से बुलाया गया एक नियोजित मौन मार्च शनिवार को यहां अधिकारियों की तरफ से किये गये सख्त सुरक्षा उपायों और मोबाइल इंटरनेट को निलंबित करने की वजह से विफल रहा।

कारगिल में हालांकि शांतिपूर्ण मौन मार्च निकाला गया, जिसमें केडीए नेताओं ने लेह में प्रतिबंधों की ंिनदा की, लेकिन 24 सितंबर की गोलीबारी की घटना की न्यायिक जांच की घोषणा का स्वागत किया। गोलीबारी में कुछ लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि दोनों आंदोलनकारी समूहों द्वारा सुबह 10 बजे से दो घंटे के मौन मार्च और शाम छह बजे से तीन घंटे के ‘ब्लैकआउट’ के आह्वान के बीच लेह और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था। इन समूहों का आह्वान 24 सितंबर को व्यापक ंिहसा में जान गंवाने वालों, घायल होने वालों या गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिए गए लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए किया गया था।

उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते अधिकारियों ने लेह में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद करने का आदेश दिया है।

अंजुमन इमामिया के अध्यक्ष और एलएबी के सदस्य अशरफ अली बारचा ने संवाददाताओं से कहा, ह्लहमने अपनी मांगों को शांतिपूर्वक उठाने के लिए मौन मार्च का आह्वान किया था, लेकिन प्रशासन ने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके अपनी विफलता प्रर्दिशत की है। उन्होंने भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और लोगों को मार्च के लिए इकट्ठा नहीं होने दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों को डराने के लिए इस तरह के प्रतिबंध लगाने के बजाय उनके साथ बातचीत करनी चाहिए।

कारगिल में, सह-अध्यक्ष असगर अली करबलाई और सज्जाद कारगिली सहित केडीए नेताओं के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने हुसैनी पार्क से मुख्य बाजार होते हुए मुख्य बस स्टैंड तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला। प्रतिभागियों ने काली पट्टियां पहन रखी थीं और हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग दोहराई गई थी।

सज्जाद कारगिली ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा,हम लेह में 24 सितंबर को हुई ंिहसा की न्यायिक जांच के आदेश देने के केंद्र के फैसले का स्वागत करते हैं और चाहते हैं कि सरकार जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित हिरासत में लिए गए सभी लोगों की बिना शर्त रिहाई और चार मारे गए लोगों के परिवारों और घायलों को पर्याप्त मुआवजा देने की घोषणा करे।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By navabharat digital