ओडिशा में ‘सिम बॉक्स’ गिरोह का भंडाफोड़, अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेजा

भुवनेश्वर. भुवनेश्वर में एक अदालत ने रविवार को ‘सिम बॉक्स’ गिरोह के आरोपी राजू मंडल को ओडिशा पुलिस की पांच दिन की हिरासत में भेज दिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. ओडिशा पुलिस ने बांग्लादेश के एक नागरिक द्वारा भुवनेश्वर से संचालित किए जा रहे ‘सिम बॉक्स’ गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है, जो अंतरराष्ट्रीय कॉल को पाकिस्तान, चीन और पश्चिम एशिया में भेजता था.

‘सिम बॉक्स’ का इस्तेमाल मूल फोन नंबर को छिपाने के लिए किया जाता है. साइबर अपराध, आतंकवादी कृत्यों, जबरन वसूली व अन्य अवैध गतिविधियों के लिए अक्सर इसका इस्तेमाल किया जाता है. पश्चिम बंगाल के रहने वाले राजू मंडल को शनिवार को भुवनेश्वर में एक मकान से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 1,000 से अधिक सिम कार्ड, राउटर और अन्य उपकरण जब्त किए गए.

पत्रकारों से बात करते हुए भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त प्रतीक सिंह ने कहा, “हमने राजू मंडल के लिए 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने पांच दिन की रिमांड दी.” पूछताछ के दौरान मंडल ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह शहर में कई स्थानों से ‘सिम बॉक्स’ संचालित कर रहा था, जिसमें कटक का एक स्थान भी शामिल है, जिसकी पुलिस जांच करेगी.

भुवनेश्वर-कटक आयुक्तालय के पुलिस आयुक्त संजीव पांडा ने कहा, ”मंडल भुवनेश्वर में किराये पर लिए गए मकान से बांग्लादेशी नागरिक असद-उर-जमान के इशारे पर गिरोह का संचालन करता था. उसका काम यूपीएस, इंटरनेट और अन्य सेवाओं का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना था.” पांडा ने बताया, ”मंडल से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ‘सिम बॉक्स’ का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कॉल को पाकिस्तान, चीन और पश्चिम एशिया भेजने के लिए किया जाता था. मंडल पश्चिम बंगाल में रहता था, लेकिन वह ‘सिम बॉक्स’ से जुड़ी किसी भी समस्या को दूर करने और मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्यों के लिए अक्सर भुवनेश्वर स्थित किराये के मकान में जाता था.”

उन्होंने कहा, ”बांग्लादेशी नागरिक असद ने अक्टूबर 2023 में अगरतला के रास्ते भारत में प्रवेश किया था और भुवनेश्वर आया था. वह उसी साल दिसंबर में बांग्लादेश वापस चला गया था. भुवनेश्वर में रहने के दौरान उसने मंडल को भुगतान किया और माना जाता है कि उसने दो और ‘सिम बॉक्स’ लगाए, जिन्हें जल्द ही नि्क्रिरय कर दिया जाएगा.” पांडा ने बताया कि पुलिस राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण और इंटरपोल से भी मदद लेने पर विचार कर रही है, क्योंकि मामले का मुख्य आरोपी बांग्लादेशी नागरिक है.

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