बांग्लादेश में हालात शांत, अवामी लीग के देशव्यापी प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा बल सतर्क

Author: navabharat digital
UPDATED: Wed, 19 Nov 2025 03:01 PM
बांग्लादेश में हालात शांत, अवामी लीग के देशव्यापी प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा बल सतर्क
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नयी दिल्ली/ढाका: बांग्लादेश में बुधवार को हालात शांत लेकिन तनावपूर्ण हैं। आवामी लीग ने पार्टी प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसके मद्देनजर सुरक्षाबल राजधानी ढाका समेत प्रमुख शहरों में कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।

ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में यातायात और दैनिक गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य होती दिखीं और लगातार दूसरे दिन किसी तरह की ंिहसा की कोई खबर नहीं मिली। आवामी लीग के बुधवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय देशव्यापी प्रदर्शनों के मद्देनजर ढाका में सशस्त्र पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और अर्धसैनिक बलों ने सरकारी इमारतों, पार्टी कार्यालयों और प्रमुख चौराहों पर गहन गश्त जारी रखी है।

राजधानी के कई हिस्सों में सुरक्षा कड़ी की गई है, जहां नाकेबंदी और अवरोधक लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है।
अवामी लीग ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर मंगलवार को पूर्ण बंद और 19 से 21 नवंबर तक ‘‘देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन और प्रतिरोध’’ का आह्वान किया था। पार्टी ने हसीना के खिलाफ आए फैसले को ‘‘राजनीति से प्रेरित, दुर्भावनापूर्ण, प्रतिशोधी और बदले की कार्रवाई’’ वाला बताया।

बंगाली दैनिक अखबार ‘प्रथम आलो’ की खबर के अनुसार, गाजीपुर शहर में जुबो दल के एक नेता के स्वामित्व वाले एक गोदाम में लगी आग में माल नष्ट हो गया। बहरहाल, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आग दुर्घटनावश लगी या किसी साज़शि का नतीजा थी।
जुबो दल, खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का युवा संगठन है, जो हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की अनुपस्थिति में प्रमुख राजनीतिक दावेदार बनकर उभरा है।

इस बीच, स्थानीय अखबार ‘युगान्तर’ के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को चलाए गए सुरक्षा अभियानों में 1,649 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि छापों के दौरान 10 हथियार, 30.5 किलोग्राम बारूद और कॉकटेल बम बरामद किए गए।
हसीना (78) को सोमवार को बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने पिछले वर्ष छात्रों के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों पर सरकार की कार्रवाई को लेकर ह्लमानवता के खिलाफ अपराधह्व के आरोप में उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गयी।

पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान ख़ान कमाल को भी ऐसे ही आरोपों में मौत की सजा दी गई। हसीना पिछले साल पांच अगस्त के बाद से भारत में रह रही हैं, जब देश में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच उन्हें अचानक बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हसीना ने आरोपों को ‘‘पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित’’ बताया और कहा कि यह फैसला एक ‘‘बेईमान न्यायाधिकरण’’ द्वारा सुनाया गया है, जिसका गठन एक ‘‘गैर-निर्वाचित, बिना जनादेश वाली सरकार’’ द्वारा किया गया।

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