तेलंगाना पुलिस के समक्ष छह माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 14 Oct 2025 08:56 PM
तेलंगाना पुलिस के समक्ष छह माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
ऑडियो सुनें

हैदराबाद. छत्तीसग­ढ़ में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के छह सदस्यों ने मंगलवार को तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया. पुलिस ने यह जानकारी दी. शीर्ष नक्सली मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति और 60 अन्य नक्सलियों द्वारा महाराष्ट्र के ग­ढ़चिरौली जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के कुछ घंटे बाद ही छह माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया.

भद्राद्री कोठागुडेम के पुलिस अधीक्षक बी रोहित राजू ने एक विज्ञप्ति के हवाले से कहा कि तेलंगाना सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति तथा सीआरपीएफ के सहयोग से पुलिस द्वारा संचालित सामुदायिक संपर्क पहल “ऑपरेशन चेयुथा” के तहत विकासात्मक और कल्याणकारी गतिविधियों से आर्किषत होकर माओवादी कैडर ने नक्सलवाद का रास्ता त्याग दिया और अपने परिवारों के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीने का फैसला किया. एसपी ने बताया कि इस वर्ष अब तक विभिन्न कैडरों के कुल 326 माओवादियों ने भद्राद्री कोठागुडेम जिला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है.

उन्होंने कहा कि वे सभी अब शांतिपूर्वक रह रहे हैं और तेलंगाना सरकार द्वारा दी गई व्यापक पुनर्वास सहायता का लाभ उठा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन चेयुथा के तहत व्यापक विकास गतिविधियां चलाई जा रही हैं जिनमें सड़क संपर्क, स्कूल, अस्पताल, पेयजल, बिजली आदि में सुधार शामिल हैं.

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है. हम आदिवासी समुदायों से आग्रह करते हैं कि वे समझें कि माओवादी समूहों के साथ सहयोग, चाहे वह आस्था के कारण हो या भय के कारण, प्रगति नहीं लाएगा. केवल लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकारों के माध्यम से ही क्षेत्र का विकास किया जा सकता है.”

झारखंड में सितंबर के अंत तक 266 माओवादी गिरफ्तार, 32 की मौत, 30 ने किया आत्मसमर्पण: पुलिस

रांची. झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि सितंबर के अंत तक राज्य में 266 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, 32 मारे गए हैं और 30 ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में भाकपा (माओवादी) और उसके अलग हुए समूहों से जुड़े दो क्षेत्रीय समिति सदस्य, एक जोनल कमांडर, दो सब-जोनल कमांडर और नौ एरिया कमांडर शामिल हैं.

महानिरीक्षक (अभियान) और झारखंड पुलिस के प्रवक्ता माइकल राज एस. ने संवाददाताओं से कहा, “एक जनवरी से सुरक्षा बलों से हुईं मुठभेड़ में कुल 32 नक्सली मारे गए. विवेक उर्फ प्रयाग मांझी और अनुज उर्फ सहदेव सोरेन मुठभेड़ों में मारे गए प्रमुख नक्सली थे. दोनों भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य थे और उन पर एक-एक करोड़ रुपये का इनाम था.”

उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान कुल 30 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) के जोनल कमांडर रवींद्र यादव और सब-जोनल कमांडर आनंद सिंह तथा झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) का सब-जोनल कमांडर लवलेश गंझू उर्फ लोकेश गंझू भी शामिल था. उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक जनवरी से 30 सितंबर की अवधि के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu