जम्मू/कोलकाता. जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में बृहस्पतिवार को एक तलाशी अभियान के बाद सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में सेना के विशेष बलों का एक जवान बलिदान हो गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान डुडु-बसंतगढ़ इलाके में गोलीबारी हुई.
व्हाइट नाइट कोर ने ‘एक्स’ पर कहा, ”विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर आज उधमपुर के बसंतगढ़ इलाके में जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया.” उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के आमने-सामने आने पर भीषण गोलीबारी शुरू हो गई.
सेना ने कहा, ”शुरुआती गोलीबारी में हमारा एक बहादुर जवान गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका.” बलिदानद जवान की पहचान विशेष बलों के 6 पैरा के हवलदार झंटू अली शेख के रूप में की गई है.
सेना ने ‘एक्स’ पर कहा, ”व्हाइट नाइट कोर के जीओसी और सभी अधिकारी 6 पैरा एसएफ के बहादुर हवलदार झंटू अली शेख को सलाम करते हैं, जिन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया.”
सेना ने कहा कि उनके अदम्य साहस और उनकी टीम की वीरता को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा. सेना ने कहा, ”हम दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं.” उन्होंने कहा कि अंतिम सूचना आने तक मुठभेड़ जारी थी. इलाके से पूछताछ के लिए चार संदिग्धों को भी पकड़ा गया है. यह पिछले 24 घंटे से अधिक समय में जम्मू में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच तीसरी मुठभेड़ है.
बुधवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में तंगमार्ग इलाके में तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोली चला दी जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. सेना ने बुधवार को बारामूला के उरी नाले में घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम कर दी और दो आतंकवादियों को मार गिराया.
इससे पहले मंगलवार को पहलगाम में एक आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए जिनमें अधिकतर पर्यटक थे. उधमपुर जिले की बसंतगढ़ पट्टी में पिछले एक साल में कई आतंकी घटनाएं सामने आई हैं. गत 9 अप्रैल को उधमपुर जिले के रामनगर के जोफर-मार्टा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. हालांकि, आतंकवादी भागने में सफल रहे.
पिछले साल 11 सितंबर को बसंतगढ़ के ऊपरी इलाकों में हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) संगठन से जुड़े दो आतंकवादी मारे गए थे. पिछले साल 29 अप्रैल को बसंतगढ़ के पनारा गांव में अज्ञात बंदूकधारियों के साथ गोलीबारी में ग्राम रक्षा गार्ड का एक सदस्य मारा गया था. कठुआ सीमावर्ती जिले और डोडा-किश्तवाड़ पट्टी के बीच स्थित इस रणनीतिक क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिशों के दौरान कई मुठभेड़ हुई हैं और अभियान चलाए गए हैं.
कश्मीर में आंतकियों से मुकाबला करते सैनिक बलिदान, बंगाल के पत्थरघाट में गर्व और शोक का माहौल
पश्चिम बंगाल के पत्थरघाट गांव में बृहस्पतिवार को तब शोक की लहर दौड़ गई, जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में यहां के निवासी और सेना में कमांडो हवलदार जेड अली शेख की मौत की खबर आई. उनके रिश्ते के एक भाई ने कहा, ”आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता. वे किसी भी धर्म से संबंधित नहीं हैं.” भारतीय सेना के विशेष बल की 6 पैरा यूनिट के सदस्य अली जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के डुडु-बसंतगढ़ क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में शहीद हो गए. अली के एक भाई ने कहा, ”आतंकवादियों का कोई मजहब नहीं होता. वे किसी भी मजहब से संबंधित नहीं होते.” नादिया जिले में उनके घर पर शोक संतप्त रिश्तेदार और पड़ोसी एकत्र हुए. उन्होंने बताया कि अली एक शांत, दयालु व्यक्ति थे, जिन्होंने हमेशा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखा था.