भारत अल्पसंख्यकों के लिए असुरक्षित है, ऐसा अभियान चला रहीं कुछ पार्टियां : रीजीजू

नयी दिल्ली. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने सोमवार को कहा कि भारत और उसके बाहर एक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें ऐसा दर्शाया जा रहा है कि देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कुछ दलों और संगठनों पर विदेशी मीडिया के माध्यम से देश को बदनाम करने का आरोप लगाया.

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चा के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान या बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों ने दशकों से भारत में शरण ले रखी है. उन्होंने चीन से आए तिब्बती शरणार्थियों और म्यांमा के लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं का भी जिक्र किया. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की याद में आयोजित ‘डॉ. कलाम स्टार्टअप यूथ अवार्ड सेरेमनी’ में उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी मुल्क में अशांति फैलती है तो हर कोई सोचता है कि भारत सुरक्षित है और वहयहां आता है.

उन्होंने कहा, “ऐसे समय में हमारे देश में कुछ ऐसे दल और संगठन हैं, जो पश्चिमी देशों में जाते हैं और उनके मीडिया का इस्तेमाल कर (भारत को) बदनाम करते हैं और कहते हैं कि यह अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित नहीं है.” रीजीजू ने मोर्चा के सदस्यों से इस तरह के अभियान का कड़ा मुकाबला करने को कहा. उन्होंने दावा किया कि यह अभियान सोच-समझकर और संगठित तरीके से चलाया जा रहा है.

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होता और हर कोई खुद को गौरवान्वित भारतीय मानता है. उन्होंने दावा किया कि संविधान के अनुसार भारत में छह अल्पसंख्यक समुदाय हो सकते हैं लेकिन ‘व्यावहारिक रूप से, शारीरिक रूप से, तकनीकी रूप से, भावनात्मक रूप से, सामाजिक रूप से’ कोई अल्पसंख्यक नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी लोग समान हैं और ऐसा नहीं है कि किसी समुदाय को अल्पसंख्यक होने के कारण कमजोर महसूस कराया जाए.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button