आध्यात्मिकता विश्व को भारत का अमूल्य योगदान है : राष्ट्रपति

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 22 Nov 2023 09:56 PM
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पुट्टपर्ती. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को यहां कहा कि आध्यात्मिकता विश्व को भारत की अमूल्य देन है. श्री सत्य साईं बाबा द्वारा स्थापित ‘श्री सत्य साईं इंस्टीट्यूट ऑफ हायर र्लिनंग’ के 42वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुये राष्ट्रपति ने कहा कि जीवन मूल्यों और नैतिकता की शिक्षा ही वास्तविक शिक्षा है.

मुर्मू ने कहा, “आध्यात्मिकता विश्व को भारत की अमूल्य देन है. समय-समय पर महान आध्यात्मिक विभूतियों ने नैतिकता, करुणा और परोपकार का संदेश फैलाया है. श्री सत्य साईं बाबा का ऐसा महान व्यक्तित्व था जिन्होंने पुट्टपर्ती के क्षेत्र को पवित्र किया.” पुट्टपर्ती के लोगों को विविध सेवाएं प्रदान करने वाले श्री सत्य साईं बाबा की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनके आशीर्वाद से लाखों लोग लाभान्वित होते रहेंगे.

जीवन मूल्यों और नैतिकता के सबक को ही वास्तविक शिक्षा बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रत्येक छात्र में सत्य, अच्छे आचरण, शांति, स्नेह और अहिंसा के गुणों को विकसित करना समग्र शिक्षा का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए. राष्ट्रपति मुर्मू ने विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई छात्रों को स्वर्ण पदक भी वितरित किए. राष्ट्रपति के अलावा, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नज.ीर ने भी दीक्षांत समारोह के दौरान मौजूद लोगों को संबोधित किया.

By Yogesh Kumar Sahu