पूरे भारत में सिर्फ 20 लाख कनेक्शन दे सकती है स्टारलिंक : दूरसंचार राज्यमंत्री पेम्मासानी

नयी दिल्ली. दूरसंचार राज्यमंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि उद्योगपति एलन मस्क की अगुवाई वाली उपग्रह संचार सेवा प्रदाता कंपनी स्टारलिंक भारत में केवल 20 लाख कनेक्शन दे सकती हैं, ऐसे में सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल समेत अन्य दूरसंचार कंपनियों के लिए जोखिम वाली कोई बात नहीं है.

उन्होंने यहां बीएसएनएल की समीक्षा बैठक के मौके पर कहा, ”स्टारलिंक के भारत में केवल 20 लाख ग्राहक हो सकते हैं और वह 200 एमबीपीएस तक की गति प्रदान कर सकती है. इससे दूरसंचार सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा.” ऐसी संभावना है कि सैटकॉम सेवाओं का लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाके होंगे जहां बीएसएनएल की अच्छी उपस्थिति है. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि स्टारलिंक कनेक्शन की सीमा इसकी मौजूदा क्षमता के कारण है. मंत्री ने कहा कि सैटकॉम सेवाओं की शुरुआती लागत बहुत ज्यादा होगी और मासिक लागत लगभग 3,000 रुपये हो सकती है.

उन्होंने यह भी कहा कि बीएसएनएल 4जी सेवा शुरू करने का काम पूरा हो चुकी है और अभी शुल्क दर बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.
मंत्री ने कहा, ”हम पहले बाजार चाहते हैं. शुल्क दर बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.” मंत्री ने कहा कि 4जी सेवाओं की शुरुआत और तकनीक के स्थिर होने के कारण, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बीएसएनएल के राजस्व में 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
उन्होंने कहा, ”पहले कुछ तकनीकी समस्याएं थीं, लेकिन उनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा का समाधान हो चुका है. बिजलीघरों से जुड़ी कुछ समस्याएं थीं. लगभग 600-700 करोड़ रुपये की लागत से 30,000 बिजलीघरों में बदलाव किये गये हैं.”

पेम्मासानी ने कहा कि बिजली आपूर्ति में सुधार के परिणामस्वरूप बीएसएनएल नेटवर्क बेहतर हुआ है. उन्होंने कहा, ”ग्राहक आधार बढ़ाने के लिए प्रत्येक र्सिकल को अलग-अलग लक्ष्य दिए जा रहे हैं.” बीएसएनएल में चीन के उपकरणों की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर, मंत्री ने कहा कि सरकार स्वदेशी तकनीकों का उपयोग जारी रखने की योजना बना रही है और वह धीरे-धीरे 2जी और 3जी उपकरणों को हटा देगी और उनके रखरखाव की आवश्यकता को समाप्त कर देगी. बीएसएनएल ने जेडटीई सहित चीनी कंपनियों के कुछ उपकरणों का उपयोग करके 2जी और 3जी प्रौद्योगिकी स्थापित की है.

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