इंदौर में शीर्ष अदालत की समिति के निर्देश पर सख्ती, ‘हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं” का आदेश

इंदौर: यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए इंदौर के जिला प्रशासन ने बुधवार को आदेश जारी किया कि बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को आगामी एक अगस्त से ईंधन पंप पर पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष और इस अदालत के पूर्व न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे ने मंगलवार को एक बैठक में प्रशासन को निर्देश दिए थे कि वाहन सवारों द्वारा हेलमेट और सीट बेल्ट लगाए जाने के नियम का पालन सुनिश्चित कराने के लिए शहर में सघन अभियान चलाया जाए।

जिलाधिकारी आशीष ंिसह ने संवाददाताओं को बताया,‘‘इन निर्देशों के मद्देनजर हमने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है कि आगामी एक अगस्त से जिले के किसी भी ईंधन पंप पर बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।’’

उन्होंने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में कहा गया है कि इसके उल्लंघन पर संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कानूनी प्रावधान के तहत दोषी को एक वर्ष तक के कारावास या 5,000 रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं से दण्डित किया जा सकता है।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इंदौर में लोगों द्वारा धड़ल्ले से यातायात नियम तोड़े जाने पर हाल ही में गहरी नाराजगी जताई थी और इस प्रवृत्ति पर अंकुश के लिए कठोर कदम उठाए जाने की जरूरत पर जोर दिया था।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि जिले में वर्ष 1950 से लेकर अब तक सभी श्रेणियों की कुल 32 लाख गाड़ियां पंजीकृत हैं जिनमें करीब 16 लाख दोपहिया वाहन शामिल हैं। उन्होंने बताया,‘‘हमारा अनुमान है कि जिले में फिलहाल अलग-अलग श्रेणियों की कुल 21 लाख गाड़ियां चल रही हैं।’’

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