
नयी दिल्ली/जयपुर/प्रयागराज/रीवा. सीबीएसई की एक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जयपुर के एक स्कूल आत्महत्या करने वाली चौथी कक्षा की छात्रा को उसकी कक्षा में 18 महीने से ज्यादा समय तक ”परेशान” किया गया तथा सहपाठी उसके खिलाफ ”बुरे शब्द” इस्तेमाल करते थे जबकि स्कूल अच्छा माहौल बनाए रखने में नाकाम रहा.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. बोर्ड ने इस महीने की शुरुआत में स्कूल की इमारत से कूदकर जान देने वाली नौ वर्षीय लड़की की मौत की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट मिलने पर यह नोटिस जारी किया. इस बीच, राजस्थान पुलिस ने कहा है कि घटना के ”आपराधिक पक्ष” की जांच जारी है.
जांच समिति ने स्कूल की तरफ से कई कमियों की ओर इशारा किया, जिसमें लड़की को लगातार परेशान किये जाने की ओर ध्यान दिलाया गया, और बताया गया कि उसके माता-पिता ने सबसे पहले जुलाई 2024 में शिक्षकों के सामने यह मुद्दा उठाया था. समिति ने पाया कि कक्षा अध्यापक ने बच्ची की दिक्कतों के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की, तब भी जब लड़की अपनी जिदगी के आखिरी 45 मिनट में पांच बार शिक्षक के पास मदद मांगने गई.
कक्षा चार की बच्ची ने एक नवंबर को स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई की दो सदस्यीय समिति ने अगले दिन स्कूल का मुआयना किया था और बच्ची के अभिभावकों से बातचीत की थी. बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस में कहा, ”समिति को दिए गए माता-पिता के बयानों के मुताबिक, यह साफ है कि स्कूल ने सहपाठियों द्वारा परेशान किए जाने और चिढ़ाए जाने की बार-बार की शिकायतों पर कोई सक्रिय कार्रवाई नहीं की. कक्षा अध्यापक और स्कूल प्रबंधन को बच्ची को प्रताड़ित किए जाने के बारे में अच्छी तरह पता था.” बोर्ड ने कहा कि माता-पिता की कक्षा अध्यापक और स्कूल प्रबंधन से की गई बातचीत और संदेश को अनसुना कर दिया गया.
नोटिस में कहा गया कि कक्षा अध्यापक ने अपने लिखित बयान में माना है कि मृतक छात्रा ने उन्हें बताया था कि उसके सहपाठी उसके लिए ”बुरे शब्दों” का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन दूसरे छात्रों ने आरोपों से इनकार किया. हालांकि, दूसरे बच्चों ने पहले भी शिक्षक से कक्षा में छात्रों के बीच लगातार ”बुरे शब्दों” के इस्तेमाल की शिकायत की थी. जयपुर के मानसरोवर इलाके में स्थित नीरजा मोदी स्कूल जयपुर के प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक है. मानसरोवर थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है. थानाधिकारी लखन खटाना ने शुक्रवार को कहा कि मामले की जांच जारी है. उन्होंने कहा, ”पुलिस इस घटना के आपराधिक पक्ष की जांच कर रही है. अभी अनुसंधान जारी है.”
प्रयागराज: छात्र की हत्या के आरोप में प्रधानाचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में ‘इंडियन पब्लिक स्कूल’ के प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ एक छात्र की हत्या के आरोप में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार भोला का पुरवा निवासी अमर सिंह यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि मुंडेरा स्थित स्कूल के प्रधानाचार्य ने ”पुरानी नाराजगी” में बृहस्पतिवार को उनके बेटे शिवम यादव (14) को पीटा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई.
उसने बताया कि 10वीं कक्षा के छात्र शिवम की स्थिति बिगड़ने पर परिजनों को सूचना दिए उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया. मृतक छात्र के पिता ने यह भी कहा कि पहले भी प्रधानाचार्य द्वारा शिवम को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था. उन्होंने बताया कि छात्र के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं. पुलिस उपायुक्त (नगर) मनीष शांडिल्य ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर ‘इंडियन पब्लिक स्कूल’ के प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और 115(2) (चोट पहुंचाने) के तहत धूमनगंज थाना में मामला दर्ज किया गया है.
मप्र में निजी स्कूल की छात्रा ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में शिक्षक पर लगाए आरोप
मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक निजी स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली और सुसाइड नोट में एक शिक्षक पर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि 17 वर्षीय छात्रा ने 16 नवंबर को सेमरिया में अपने घर पर फंदा लगा लिया था. जांच के दौरान, पुलिस को बृहस्पतिवार को उसकी नोटबुक में एक नोट मिला.
उन्होंने कहा, ”नोट में लिखा था कि शिक्षक ने उसे पीटा और हाथ पकड़कर अपनी बंद मुट्ठी खोलने के लिए चुनौती दी. शिक्षक ने सजा देने के बहाने उसकी उंगलियों के बीच पेन दबा दिया.” छात्रा के परिवार ने कहा कि वह घर पर बिल्कुल सामान्य थी. उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में किसी ने उसे ”प्रताड़ित” किया. परिवार ने उसके फोन विवरण और स्कूल से जुड़े मामलों की जांच की मांग की.
अधिकारी ने कहा कि पुलिस खुदकुशी की वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है.



