महाराष्ट्र की ‘अस्मिता’ की बात करने वाले उपराष्ट्रपति पद के लिए राधाकृष्णन का समर्थन करें : फडणवीस

मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने राज्य के विभिन्न दलों के सांसदों, खासकर शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (एसपी) के सांसदों से उपराष्ट्रपति पद के लिए राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन की उम्मीदवारी का समर्थन करने का सोमवार को आह्वान किया.
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने रविवार को 67 वर्षीय राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. उनका ताल्लुक तमिलनाडु की एक प्रमुख ओबीसी जाति से है और वह आरएसएस की पृष्ठभूमि से आने वाले भाजपा के अनुभवी नेता हैं.

फडणवीस ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हालांकि राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं, लेकिन वह मुंबई में पंजीकृत मतदाता हैं और पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्होंने यहां वोट डाला था. उन्होंने कहा, “जब वह उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे, तो उसमें यह उल्लेख करेंगे कि वह मुंबई में पंजीकृत मतदाता हैं. यह महाराष्ट्र के लिए गर्व की बात है.” फडणवीस ने कहा कि विपक्षी शिवसेना (उबाठा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) जैसे राजनीतिक दल महाराष्ट्र की “अस्मिता” का समर्थन करते हैं, इसलिए उन्हें राधाकृष्णन की उम्मीदवारी का समर्थन करना चाहिए.

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार से राधाकृष्णन का समर्थन करने का अनुरोध करेंगे, क्योंकि वह राज्य के राज्यपाल हैं और मुंबई के मतदाता हैं. भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचन मंडल में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य शामिल होते हैं.

शिवसेना (उबाठा) के पास नौ लोकसभा सदस्य और दो राज्यसभा सदस्य हैं, जबकि राकांपा (एसपी) के पास 10 लोकसभा सदस्य और दो राज्यसभा सदस्य हैं. राजग को 781 सांसदों वाले निर्वाचक मंडल में कम से कम 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, इसलिए विपक्ष के खिलाफ किसी भी मुकाबले में राधाकृष्णन की जीत लगभग तय है. बहुमत का आंकड़ा 391 है. इससे पहले दिन में फडणवीस ने मुंबई स्थित राजभवन में राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की. राधाकृष्णन बाद में दिल्ली के लिए रवाना हो गए. राजभवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि यहां हवाई अड्डे पर फडणवीस ने राज्य के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार के साथ राज्यपाल को मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के अप्रकाशित पत्रों की एक पुस्तक भेंट की.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button