
नयी दिल्ली/सागर द्वीप/हैदराबाद. कांग्रेस ने बिलकीस बानो मामले के दोषियों की सजा में छूट देने के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने को ‘ क्रांतिकारी निर्णय ‘ करार देते हुए सोमवार को कहा कि इस निर्णय ने भारतीय जनता पार्टी की ‘ महिला विरोधी नीतियों ‘ को उजागर कर दिया है तथा एक बार फिर देश को बता दिया है कि ‘ अपराधियों का संरक्षक ‘ कौन है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह भी कहा कि चुनावी फायदे के लिए ‘ न्याय की हत्या ‘ की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है. राहुल गांधी ने ‘ एक्स ‘ पर एक पोस्ट में कहा , ” चुनावी फायदे के लिए ‘ न्याय की हत्या ‘ की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है. आज उच्चतम न्यायालय के फैसले ने एक बार फिर देश को बता दिया कि ‘ अपराधियों का संरक्षक ‘ कौन है. ” कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बिलकीस बानो का अथक संघर्ष , अहंकारी भाजपा सरकार के विरुद्ध न्याय की जीत का प्रतीक है.
कांग्रेस महाचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने दावा किया कि शीर्ष अदालत के आदेश से भारतीय जनता पार्टी की महिला विरोधी नीतियों से पर्दा हट गया है. प्रियंका गांधी ने ‘ एक्स ‘ पर पोस्ट किया , ” अंतत? न्याय की जीत हुई. उच्चतम न्यायालय ने गुजरात दंगों के दौरान सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बिलकीस बानो के मामले के आरोपियों की रिहाई रद्द कर दी है. ”
उन्होंने दावा किया , ” इस आदेश से भारतीय जनता पार्टी की महिला विरोधी नीतियां सामने आ गई हैं. ” कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा , ” इस आदेश के बाद जनता का न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होगा. बहादुरी के साथ अपनी लड़ाई को जारी रखने के लिए बिलकीस बानो को बधाई. ” कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने उच्चतम न्यायालय के फैसले को ‘ क्रांतिकारी ‘ करार देते हुए कहा , ” भाजपा ने जिस तरह बलात्कारियों को बचाने की प्रक्रिया अपनाई थी , अब उन्हें मुंह छिपाने की जगह नहीं मिल रही है. भाजपा के सभी जुमले बेनकाब हो गए हैं और उसका असली चेहरा सामने आ गया है. ” उन्होंने दावा किया कि जेल में रहते हुए भी इन सभी दोषियों को भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों ने काफी सहूलियतें दे रखी थीं.
सिंघवी ने कहा , ” बिलकीस बानो के मामले में कई वकीलों ने सरकार की तरफ से न्यायालय में आकर बार – बार समय मांगा. आखिर में न्यायाधीश तक को कहना पड़ा कि शायद आप मेरे सेवानिवृत्त होने का इंतजार कर रहे हैं , ये कितनी शर्मनाक बात है. लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार के इस रवैये पर एक शब्द नहीं बोला. ” महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी को देश की बेटियों से माफी मांगनी चाहिए.
उच्चतम न्यायालय ने गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान बिलकीस बानो से सामूहिक दुष्कर्म और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में 11 दोषियों को सजा में छूट देने के राज्य सरकार के फैसले को सोमवार को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि आदेश ” घिसा पिटा ” था और इसे बिना सोचे – समझे पारित किया गया था. न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने दोषियों को दो सप्ताह के अंदर जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश भी दिया.
ममता बनर्जी ने बिलकीस बानो मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को ‘साहसिक’ करार दिया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2002 के दंगों के दौरान बिलकीस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार मामले में गुजरात सरकार द्वारा 11 दोषियों को सजा में दी गई छूट को रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले को ”मजबूत और साहसिक” करार दिया. बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में कहा, ”मैं इस मजबूत और साहसिक फैसले के लिए उच्चतम न्यायालय की आभारी हूं. इससे साबित होता है कि बलात्कारी खुलेआम घूम रहे थे और सत्ता का आनंद ले रहे थे.”
केंद्र, गुजरात सरकार को बिलकीस बानो से माफी मांगनी चाहिए : ओवैसी
बिलकीस बानो मामले में 11 दोषियों को सजा में छूट देने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और बीआरएस की विधान पार्षद के. कविता ने सोमवार को स्वागत किया. ओवैसी ने मांग की कि न्यायालय के फैसले के मद्देनजर केंद्र और गुजरात की भाजपा सरकार बिलकीस बानो से माफी मांगें. वहीं, प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दोनों गुटों ने भी इस फैसले का स्वागत किया और इसे दूरगामी फैसला बताया.
फैसले पर हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा, ह्लमैं इस फैसले का स्वागत करता हूं और मुझे उम्मीद है कि यह भविष्य में सभी बलात्कारियों के खिलाफ एक मिसाल के रूप में काम करेगा.ह्व ओवैसी ने पत्रकारों से कहा कि यह घटना तब हुई थी जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे.
उन्होंने कहा, ह्लउस समय गुजरात में माहौल सांप्रदायिक रूप से इतना जहरीला था कि मामले की सुनवाई महाराष्ट्र स्थानांतरित कर दी गई थी.ह्व एआईएमआईएम प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा के दो विधायकों ने दोषियों की रिहाई का समर्थन किया. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के एक विधायक ने इन बलात्कारियों को ‘संस्कारी’ कहा था.
ओवैसी ने मांग की, ह्लइसलिए गुजरात की भाजपा सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार दोनों ने बिलकीस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या के मामले में इन दोषियों को रिहा करने में मदद की. यही वजह है, मैं मांग करता हूं कि गुजरात की भाजपा सरकार और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को बिलकीस बानो से माफी मांगनी चाहिए. भाजपा कम से कम इतना तो कर ही सकती है.ह्व ओवैसी ने कहा कि बलात्कारियों को यह समझ में आना चाहिए कि वे किसी भी राजनीतिक विचारधारा से सहमत हों, उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि जब नरेन्द्र मोदी ‘नारी शक्ति’ के बारे में बात करते हैं तो यह सिर्फ एक खोखला दावा होता है और ह्लजमीनी स्तर पर इसकी कोई प्रासंगिकता नहीं है.ह्व दिल्ली में जमीयत के दोनों गुटों ने अलग-अलग बयान जारी कर उम्मीद जताई कि यह फैसला भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगा.
जमीयत (एएम) के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में कहा, ह्ल बिलकीस बानो सामूहिक बलात्कार मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत है और यह एक दूरगामी फैसला है. उम्मीद है कि यह भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगा.ह्व उन्होंने कहा, ह्ल इससे देश के आम नागरिकों, खासकर अल्पसंख्यकों का उच्चतम न्यायालय के प्रति विश्वास मजबूत होगा.ह्व वहीं जमीयत (एमएम) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एक बयान में कहा, ह्लउच्चतम न्यायालय के इस फैसले का हार्दिक स्वागत है. यह कानून और न्याय के शासन की जीत है और इसका स्पष्ट संदेश है कि किसी भी स्थिति में न्याय से समझौता नहीं किया जाना चाहिए.ह्व
राज्यसभा के पूर्व सदस्य महमूद मदनी ने कहा, ह्लउम्मीद है कि यह फैसला भविष्य के लिए एक उदाहरण बनेगा कि सरकारों को न्याय प्रदान करने में निष्पक्ष एवं गैर-पक्षपातपूर्ण होना चाहिए एवं बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों की गंभीरता के प्रति उदासीन नहीं होना चाहिए.ह्व भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की विधान पार्षद कविता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ह्लमैं बिलकीस बानो के दोषियों को बरी करने के फैसले को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पलटने का स्वागत करती हूं. हालांकि उनका दर्द अद्वितीय है, लेकिन यह फैसला एक शक्तिशाली संदेश भेजता है: महिलाओं की गरिमा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता. न्याय की जीत हुई है, ऐसा हर फैसला एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करता है कि हमारा देश महिलाओं के साथ खड़ा है.ह्व



