मुंबई हमले पर तहव्वुर राणा लश्कर-ए-तैयबा के बारे में कई राज खोल सकता है: NIA

अदालत ने एनआईए को तहव्वुर राणा की आवाज, लिखावट के नमूने रिकॉर्ड करने की अनुमति दी नयी

नयी दिल्ली. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि मुंबई आतंकी हमले का आरोपी तहव्वुर राणा लश्कर-ए-तैयबा और आतंकवादी संगठन की भविष्य की आतंकी साजिशों के बारे में कई राज खोल सकता है. एजेंसी ने 28 अप्रैल को एनआईए की विशेष अदालत के न्यायाधीश चंदर जीत सिंह के समक्ष राणा की हिरासत का अनुरोध करते हुए यह दलील दी.

सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने अदालत को बताया कि इस मामले में हाफिज सईद आरोपी है और उसका आतंकी संगठन अब भी भारत में आतंकी हमलों में शामिल है. एनआईए ने बताया कि आतंकी संगठन के संचालन संबंधी विवरण का पता लगाने के लिए राणा की हिरासत की आवश्यकता है. एनआईए ने दलील दी कि एजेंसी राणा से उसके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ‘नपे- तुले’ तरीके से पूछताछ कर रही है, जबकि राणा ने दावा किया कि उससे प्रतिदिन 20 घंटे पूछताछ की जाती है.

एनआईए ने राणा की ओर से असहयोग का दावा करते हुए उसकी हिरासत मांगी. एजेंसी ने कहा, “जांच में आरोपियों द्वारा सहयोग न करने का आरोप है, साथ ही मौजूदा मामले की सीमा, दायरा, गहराई और व्यापक प्रकृति के तथ्य भी हैं, जिसमें वैश्विक स्तर पर साजिश रचने का आरोप है, यानी आरोपी एक देश से थे और फिर दूसरे देश में जाकर बस गए, जहां उन्होंने भारत के खिलाफ साजिश रची, ऐसे में आरोपियों की पुलिस हिरासत का अनुरोध करने वाली एनआईए की अर्जी जायज है.” अदालत ने केस डायरी को देखने के बाद कहा कि ऐसा लगता है कि एनआईए मामले की ‘गंभीरता से’ जांच कर रही है.

अदालत ने मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की एनआईए हिरासत अवधि 28 अप्रैल को 12 दिन और बढ़ा दी थी.
राणा को कड़ी सुरक्षा के बीच चेहरा ढककर अदालत में पेश किया गया था. मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी के करीबी सहयोगी राणा को चार अप्रैल को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी समीक्षा याचिका खारिज करने के बाद भारत लाया गया था.

अदालत ने एनआईए को तहव्वुर राणा की आवाज, लिखावट के नमूने रिकॉर्ड करने की अनुमति दी नयी

दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की आवाज और लिखावट के नमूने एकत्र करने की अनुमति दे दी है. एक सूत्र ने यह जानकारी दी. एनआईए की विशेष अदालत के न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने 28 अप्रैल को राणा की हिरासत 12 दिनों के लिए बढ.ा दी थी. उन्होंने एजेंसी द्वारा दायर एक आवेदन पर 30 अप्रैल को आदेश पारित किया.

26/11 के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी के करीबी सहयोगी राणा को प्र्त्यियपत कर भारत लाया गया है. राणा एक अमेरिकी नागरिक है और चार अप्रैल को अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी समीक्षा याचिका खारिज कर दी थी. छब्बीस नवंबर, 2008 को, 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक समूह ने समुद्री मार्ग का उपयोग करके भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में घुसने के बाद एक रेलवे स्टेशन, दो आलीशान होटलों और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था.
लगभग 60 घंटे तक जारी रहे इस हमले में 166 लोग मारे गए थे.

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